दिल्ली में मेयर पद का चुनाव निर्विरोध संभव,     आप नहीं लड़ेगी चुनाव,   भाजपा के प्रवेश वाही हो सकते हैं मेयर

बीजेपी ने दिल्ली मेयर पद के लिए उम्मीदवार के रूप में प्रवेश वाही के नाम का ऐलान किया है। प्रवेश वाही का मेयर बनना लगभग तय है, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। जबकि अन्य किसी दल के पास भी बहुमत नहीं है।

Apr 23, 2026 - 12:47
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दिल्ली में मेयर पद का चुनाव निर्विरोध संभव,     आप नहीं लड़ेगी चुनाव,   भाजपा के प्रवेश वाही हो सकते हैं मेयर

नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा रणनीतिक फैसला सामने आया है। बीजेपी ने महापौर पद के लिए प्रवेश वाही को उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही उनके मेयर बनना लगभग तय है, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने मेयर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। वहीं कांग्रेस व अन्य दलों के पास बहुमत नहीं है।

बीजेपी ने गुरुवार दोपहर को मेयर पद के लिए प्रवेश वाही को, डिप्टी मेयर के लिए मोनिका पंत के नाम का ऐलान किया है। जबकि सदस्य स्थायी समिति एवं नेता सदन के पद के लिए जय भगवान यादव और सदस्य स्थायी समिति के लिए मनीष चड्ढा का नाम घोषित किया है।

नॉमिनेशन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है, ऐसे में अगर कोई अन्य उम्मीदवार नॉमिनेशन दाखिल नहीं करता है, तो नए मेयर का निर्विरोध निर्वाचन हो जाएगा। अगर कोई विरोधी खड़ा भी होता है, तो बीजेपी आसानी से जीत हासिल कर लेगी। क्योंकि एमसीडी में 250 निगम पार्षदों में से बीजेपी के 123 पार्षद हैं।

वही आम आदमी पार्टी (आप) ने आगामी नगर निगम (एमसीडी) मेयर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि “आप” भाजपा को दिल्ली में बदलाव करने का एक और मौका दे रही है, ताकि जनता के सामने उनकी कार्यशैली पूरी तरह उजागर हो सके।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने पिछले साल भी यही रणनीति अपनाई थी, ताकि भाजपा अपने “चारों इंजन” का उपयोग कर सके और काम न करने के लिए कोई बहाना न बना सके। उन्होंने दावा किया कि बीते एक साल के अनुभव ने साबित कर दिया है कि सभी संसाधन और जिम्मेदारियां होने के बावजूद भाजपा दिल्ली में बदलाव लाने में असफल रही है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “चार इंजन” होने के बावजूद राजधानी में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

भारद्वाज के मुताबिक, केंद्र सरकार, एलजी, मुख्यमंत्री, मेयर और स्थायी समिति जैसे अहम पदों पर भाजपा के नियंत्रण के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा को शासन चलाना नहीं आता, जबकि विकास कार्य करने की क्षमता केवल आम आदमी पार्टी के पास है।