आगरा कैंट स्टेशन पर बवाल,आरपीएफ जवान और डिप्टी एसएस में भिड़ंत, मारपीट से मची अफरा-तफरी

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक घायल यात्री को लेकर RPF कर्मी जितेंद्र और डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि यात्री से पैसे वसूलने के प्रयास का विरोध करने पर मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। रेलवे प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच में जुटा है।

Jul 12, 2026 - 13:18
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आगरा कैंट स्टेशन पर बवाल,आरपीएफ जवान और डिप्टी एसएस में भिड़ंत, मारपीट से मची अफरा-तफरी
आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफकर्मी व डिप्टी एसएस के बीच हुआ विवाद।

चोटिल यात्री को लेकर शुरू हुआ विवाद, स्टेशन परिसर में घंटों बना रहा तनाव

आगरा। आगरा के कैंट रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जवान और डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी एसएस) के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मारपीट की नौबत आ गई। स्टेशन परिसर में हुई इस घटना से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि स्टेशन पर एक यात्री के चोटिल होने के बाद डिप्टी एसएस ने संबंधित ट्रेन को कुछ समय के लिए रोकने का फैसला लिया था, ताकि यात्री को आवश्यक सहायता और उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसी दौरान आरपीएफ कर्मी जितेंद्र और डिप्टी एसएस के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

डिप्टी एसएस का आरोप है कि आरपीएफ कर्मी जितेंद्र घायल यात्री को रोककर उससे पैसे वसूलने का प्रयास कर रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों अधिकारियों के बीच हुई बहस और हाथापाई से स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया गया।

सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ कर्मी जितेंद्र का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।

फिलहाल, स्टेशन परिसर में हुई इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के बीच समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई कर सकता है।