आगरा में कृषि विज्ञान केंद्र में हंगामा: किसानों को जेल भेजने की धमकी से भड़के किसान प्रभारी मंत्री की गाड़ी के आगे धरने पर बैठे, भूपेंद्र चौधरी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना

कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी की गाड़ी के आगे धरना दिया। मंत्री के किसानों से बैठक कर समस्याओं के समाधान के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। कार्यक्रम में आलू किसानों की बदहाल स्थिति, कोल्ड स्टोरेज भाड़ा, एडीए द्वारा अधिग्रहित भूमि का मुआवजा और किसानों की अन्य समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं।

Jun 19, 2026 - 20:17
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आगरा में कृषि विज्ञान केंद्र में हंगामा: किसानों को जेल भेजने की धमकी से भड़के किसान प्रभारी मंत्री की गाड़ी के आगे धरने पर बैठे, भूपेंद्र चौधरी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
बिचपुरी कृषि विज्ञान केंद्र पर धरना देते किसान।

आगरा। कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी में आयोजित किसान दिवस एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब भारतीय किसान यूनियन एवं अन्य किसान संगठनों से जुड़े किसानों ने एक जनप्रतिनिधि पर किसान नेताओं को जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नाराज किसान और किसान नेता प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी की गाड़ी के आगे बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया किसानों के बीच पहुंचे और उनकी बातचीत प्रभारी मंत्री से कराई। मंत्री द्वारा अगली बार आगरा आगमन पर किसानों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित किसान दिवस के अंतर्गत सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी में कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याएं प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी के समक्ष रखीं। मंत्री ने मंच से किसान नेता श्याम सिंह चाहर को बुलाकर उनकी बात भी सुनी।

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि प्रदेश का आलू किसान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि कोल्ड स्टोरेज से आलू मात्र 6 से 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार किसानों को कोल्ड स्टोरेज का 250 रुपये प्रति कुंतल भाड़ा सीधे उपलब्ध कराए, जिससे किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं।

भारतीय किसान यूनियन के नेता पुष्पेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि किसानों और किसान नेताओं को धमकाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी प्रकार की धमकी से डरने वाले नहीं हैं और यदि किसानों का उत्पीड़न हुआ तो इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।

किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने कहा कि आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा इनर रिंग रोड लैंड पार्सल योजना के तीसरे चरण के लिए लगभग 16 वर्ष पूर्व किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आज तक न तो किसानों को मुआवजा मिला और न ही उनकी जमीन वापस की गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में किसान केंद्रीय राज्य मंत्री बेबी रानी मौर्य के साथ मुख्यमंत्री से भी मिले थे। मुख्यमंत्री ने किसानों को वर्तमान बाजार दर पर मुआवजा देने अथवा जमीन वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उनका आरोप है कि एडीए स्तर पर अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई किसानों के नाम खतौनी से भी हटा दिए गए हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

किसान नेता सोमवीर यादव ने कहा कि किसानों को उत्तर प्रदेश सरकार से उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की अनदेखी जारी रही तो संबंधित जनप्रतिनिधियों का विरोध किया जाएगा।

आलू उत्पादक समिति के प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण बघेल ने कहा कि किसानों की समस्याओं को अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों की कौन-कौन सी प्रमुख समस्याओं का समाधान अब तक कराया गया है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान गंभीर सिंह, गोपाल शर्मा, पप्पू सिंह चाहर, सुरेंद्र कुमार, शैलेंद्र सिंह, जगदीश, सत्यवीर, अजय कुमार, लाखन सिंह त्यागी, मुकेश पाठक, श्यामवीर, संतोष कुमार, पीयूष शर्मा, रविंद्र सिंह चाहर, बंटू बघेल, श्रीचंद चाहर, उदयवीर सिंह, संतोष सिंह त्यागी, सोनू चाहर सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor