बरेली की कान्हा उपवन गोशाला में गोवंश की मौतों पर हंगामा, चार के खिलाफ मुकदमा; मेयर ने किया निरीक्षण
-आरके सिंह- बरेली। नगर निगम की कान्हा उपवन गोशाला में पिछले तीन दिनों में कई गोवंश की मौत के बाद सोमवार रात से मंगलवार तक हंगामा मचा रहा। गो-रक्षकों ने गोशाला में गंदगी, चारे और पानी की कमी तथा बीमार और घायल गोवंश के इलाज में कथित लापरवाही को मौतों की वजह बताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भूसा सप्लायर समेत चार लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता और कथित लापरवाही के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मंगलवार को महापौर डॉ. उमेश गौतम और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने गोशाला का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने बताया कि गो-रक्षक निर्दोष राठौर की तहरीर पर सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर के मुताबिक, 29 अगस्त को नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली में तिरपाल से ढके सात-आठ मृत गोवंश के शव गोशाला से ले जाए जा रहे थे। इसके बाद 31 अगस्त की रात करीब आठ बजे भी करीब आठ मृत गोवंश को दफनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से ले जाने का आरोप लगाया गया।
निर्दोष राठौर के अनुसार, उन्होंने ग्राम नंदौसी से लैब की ओर जाने वाले रास्ते पर ट्रॉली को रोककर इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। इसके बाद गोशाला का निरीक्षण किया गया। आरोप है कि वहां कीचड़ और गंदगी के बीच कई गोवंश कमजोर, घायल और बीमार अवस्था में मिले।
तहरीर में गोशाला में चारे और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया गया है। यह भी कहा गया है कि वहां रखा भूसा खराब हो चुका था और बीमार व घायल गोवंश के उपचार तथा देखभाल की समुचित व्यवस्था नहीं थी।
पुलिस के मुताबिक, सीबीगंज थाने में आरके एंटरप्राइजेज के फर्म संचालक एवं भूसा सप्लायर रचित अग्रवाल, भूसा सप्लायर विशाल मल्होत्रा, गोशाला के सुपरवाइजर विजय उर्फ बनवारी और एक अज्ञात केयरटेकर/संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता और कथित लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 325 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। गोवंश की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
मामले की जानकारी मिलते ही गो-रक्षक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता गोशाला पहुंच गए और देर रात तक प्रदर्शन किया। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
शिकायतकर्ता ने मृत गोवंश का गो-रक्षकों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने, गोशाला का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने घटना से संबंधित तस्वीरें, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी गवाह उपलब्ध होने का भी दावा किया है।
मेयर ने किया औचक निरीक्षण
गोवंश की मौतों को लेकर उठे सवालों के बीच मंगलवार को महापौर डॉ. उमेश गौतम और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कान्हा उपवन गोशाला का औचक निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने गोवंश के चारा-पानी, चिकित्सा, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
महापौर ने छोटे और बड़े गोवंश के लिए अलग-अलग भोजन व्यवस्था करने तथा पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गोबर के समुचित निस्तारण और जल निकासी के लिए चिह्नित स्थानों पर बाउंड्री बनाने को भी कहा। उन्होंने बीमार और कमजोर गोवंश के बेहतर उपचार के लिए अतिरिक्त पशु चिकित्सकों की तैनाती के निर्देश दिए।