ई-रजिस्ट्री पर बवाल, आगरा में 9वें दिन भी वकीलों की हड़ताल, किया अर्धनग्न प्रदर्शन
आगरा में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में वकीलों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडर्स ने अर्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के कारण नौ दिनों से बैनामे नहीं हो सके हैं और जमीन की खरीद-फरोख्त प्रभावित हुई है। सरकार का दावा है कि ई-रजिस्ट्री से पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी। नई व्यवस्था में बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षर और आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होंगे।
बैनामे ठप होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित, सरकार बोली- ई-रजिस्ट्री से होगी पारदर्शिता और सुविधा
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार की नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को आगरा में वकीलों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। विरोध स्वरूप सदर तहसील के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडर्स ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बड़ी संख्या में अधिवक्ता सदर तहसील स्थित निबंधन कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ई-रजिस्ट्रेशन और फ्रंट ऑफिस व्यवस्था से पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी और इससे अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों के हितों को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभूनाथ वर्मा और महासचिव अरविंद कुमार दुबे एडवोकेट के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राम उपाध्याय, लाल बहादुर राजपूत और राजीव उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता, स्टाम्प वेंडर्स और सहायक शामिल रहे।हड़ताल का असर अब सीधे आम लोगों पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार नौ दिनों से बैनामे नहीं हो पाने के कारण जमीन की खरीद-फरोख्त का काम पूरी तरह प्रभावित है। निबंधन कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है और करोड़ों रुपये के संपत्ति सौदे अटके हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार इस नई व्यवस्था को नागरिकों के लिए बड़ी सुविधा बता रही है। सरकार का कहना है कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू होने से संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। शुरुआत में विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां ऑनलाइन माध्यम से कराई जाएंगी।
नई व्यवस्था के तहत संबंधित संस्थाओं को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिससे वे डिजिटल माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। आवंटियों को अब बार-बार निबंधन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और संबंधित संस्था के कार्यालय में ही पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्राधिकारी की निगरानी में संपन्न होगी।
ई-रजिस्ट्री प्रणाली में बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षर और आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा, दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी और नागरिकों को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी। फिलहाल आगरा समेत प्रदेश के कई जिलों में अधिवक्ताओं का विरोध जारी है। ऐसे में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर सरकार और वकीलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।