संजय प्लेस मारपीट कांड पर बवाल, वाल्मीकि समाज का धरना, एससी-एसटी एक्ट में मुकदमे की मांग

आगरा के संजय प्लेस में हुई मारपीट की घटना ने अब सामाजिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया है। कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने चौकी के बाहर धरना देकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, वहीं वाल्मीकि समाज ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर मारपीट किए जाने और पीड़ितों पर ही मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया है। समाज के नेताओं ने आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने और संजय प्लेस की सफाई व्यवस्था प्रभावित करने की चेतावनी दी गई है।

Jun 15, 2026 - 16:10
 0
संजय प्लेस मारपीट कांड पर बवाल, वाल्मीकि समाज का धरना, एससी-एसटी एक्ट में मुकदमे की मांग
संजय प्लेस पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन करते व्यापारी।

आगरा। आगरा के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र संजय प्लेस में हुई मारपीट की घटना अब नया मोड़ लेती दिखाई दे रही है। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर असंतोष बढ़ गया है। एक ओर व्यापारियों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए चौकी के बाहर धरना प्रदर्शन किया, तो दूसरी ओर वाल्मीकि समाज ने भी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

धरने के दौरान व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि मामले को गंभीरता से लेने के बजाय पुलिस केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है।

पुलिस बोली-दो युवकों पर हो चुकी है कार्रवाई

विवाद के बीच पुलिस का कहना है कि मामले में दो युवकों के खिलाफ शांति भंग की आशंका के तहत धारा 151 के अंतर्गत कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह कार्रवाई दोनों पक्षों को संतुष्ट नहीं कर सकी है। यही वजह है कि मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

वाल्मीकि समाज ने लगाए गंभीर आरोप

वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि उनके समाज के दो युवकों के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित भी किया गया। समाज के लोगों का कहना है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, जबकि उनके ही युवकों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। समाज के नेताओं ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाई बहस

घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें कई लोग एक वाल्मीकि युवक को गिराकर मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी नजर आता है कि युवक को बचाने के लिए दूसरा युवक हाथ में डंडा लेकर मौके पर पहुंचता है और हमलावरों को रोकने का प्रयास करता है। इसके बाद हालात और बिगड़ते दिखाई देते हैं और डंडा लेकर पहुंचे युवक के साथ भी मारपीट होती नजर आती है। यही फुटेज अब पूरे विवाद का केंद्र बन गए हैं और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में इन्हें आधार बना रहे हैं।

एससी-एसटी एक्ट और धारा 307 में मुकदमे की मांग

वाल्मीकि महापंचायत के अध्यक्ष तख्त चौधरी गौरव वाल्मीकि ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा हत्या के प्रयास (धारा 307) के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस निष्पक्ष जांच कर सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बयान के आधार पर कार्रवाई नहीं करती है, तो समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

पुलिस आयुक्त से होगी शिकायत

वाल्मीकि समाज ने घोषणा की है कि वह सोमवार को पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपेगा। शिकायत में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग की जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

सफाई व्यवस्था ठप करने की चेतावनी

विवाद के बीच वाल्मीकि समाज ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। समाज ने चेतावनी दी है कि मंगलवार सुबह से संजय प्लेस क्षेत्र की सफाई व्यवस्था प्रभावित की जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो आगरा के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में शामिल संजय प्लेस में दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

दोनों पक्ष आमने-सामने, पुलिस की भूमिका पर नजर

फिलहाल संजय प्लेस विवाद में व्यापारी और वाल्मीकि समाज दोनों अपने-अपने पक्ष पर अड़े हुए हैं। एक ओर व्यापारी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर वाल्मीकि समाज पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की है, ताकि बढ़ते विवाद को शांत किया जा सके और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।