बरेली में 18 अगस्त से उर्स-ए-रजवीः दुनिया भर से जायरीन आएंगे पर पाकिस्तानी इस बार भी नहीं होंगे

  -आरके सिंह- बरेली। दरगाह आला हज़रत फ़ाज़िले बरेलवी का 107वां सालाना उर्स-ए-रजवी इस वर्ष 18, 19 और 20 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं। उर्स में दुनिया भर के जायरीन पहुंचेंगे, सिवाय पाकिस्तानियों के। इस बार भी पाकिस्तान से जायरीन उर्स में शरीक नहीं हो पाएंगे। सुरक्षा हालात और कड़े वीज़ा नियमों के चलते पाकिस्तान के श्रद्धालु एक बार फिर उर्स से दूर ही रहेंगे।

Aug 3, 2025 - 11:40
 0
बरेली में 18 अगस्त से उर्स-ए-रजवीः दुनिया भर से जायरीन आएंगे पर पाकिस्तानी इस बार भी नहीं होंगे

दरगाह प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान से आखिरी बार 2019 में जायरीन बरेली आए थे, लेकिन तब से अब तक किसी का आना संभव नहीं हो पाया है। हालांकि सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी अकीदतमंदों ने उर्स में शामिल होने की इच्छा जताई है। कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान समेत कई देशों में आला हज़रत के मानने वाले बड़ी संख्या में हैं और वे अपने-अपने स्थानों पर उर्स-ए-रजवी की महफिलें सजाते हैं।

उन्होंने बताया कि इस बार पहलगाम आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत-पाक रिश्तों में तल्खी और बढ़ गई है, जिससे वीज़ा प्रक्रिया और कठिन हो गई है। इससे पहले भी वीज़ा प्राप्त करना बेहद मुश्किल रहा है।

दुनियाभर से आएंगे जायरीन

सज्जादानशीन मुफ्ती अहसान मियां ने बताया कि साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, हॉलैंड, अमेरिका, मॉरीशस, मिश्र, दुबई, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल सहित कई देशों से जायरीन बरेली आने वाले हैं। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान उर्फ सुब्हानी मियां की सरपरस्ती में तैयारियों का दौर जारी है।

प्रवासी जायरीनों के लिए ठहराव और लंगर की अपील

दरगाह मुख्यालय पर आज टीटीएस (तंजीम तामीरे सुन्नियत) के रजाकारों की एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन मियां ने की। उन्होंने बताया कि उर्स की तमाम रस्में इस्लामिया मैदान और दरगाह परिसर में अदा की जाएंगी, जिनकी निगरानी सय्यद आसिफ मियां करेंगे।

उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन और दरगाह प्रबंधन की व्यवस्थाएं दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए पर्याप्त नहीं होतीं। इसलिए हर साल की तरह इस बार भी शहरवासियों से विशेष सहयोग की अपील की गई है।

शहरवासियों से सहयोग की विशेष अपील

उर्स के दौरान भारी भीड़, वर्षा और ठहरने की सीमित व्यवस्था को देखते हुए सज्जादानशीन ने बरेली के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों जैसे किला, मलूकपुर, जखीरा, पुराना शहर, बाकरगंज, जसोली और कंघी टोला के निवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों, मदरसों, शादी हॉल और मेहमानखानों को जायरीन के लिए खोलें और लंगर में अधिकतम सहयोग करें।

SP_Singh AURGURU Editor