विकसित भारत की यात्रा में उत्तर प्रदेश बनेगा इंजन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विजन 2047 पर 24 घंटे से अधिक चली ऐतिहासिक चर्चा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत तभी विकसित बनेगा, जब प्रत्येक राज्य अपनी भूमिका निभाएगा और इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहेगा। मुख्यमंत्री ने सत्ता और विपक्ष के 187 विधायकों का आभार व्यक्त किया और चर्चा में उनकी गंभीर भागीदारी को सराहा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश केवल देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि 1947 से 2017 तक की धीमी विकास गति और 2017 के बाद की प्रगतिशील नीति का विश्लेषण करते हुए राज्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत संकल्प को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया है।
कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां:
मुख्यमंत्री ने बताया कि 8 वर्षों में अधूरी योजनाओं को पूरा कर किसानों को आधुनिक तकनीक, सिंचाई और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
31 सिंचाई परियोजनाएं पूरी, 23 लाख हेक्टेयर भूमि को पानी मिला।
गेहूं उत्पादन 414.39 लाख मीट्रिक टन, चावल में 14.7% राष्ट्रीय योगदान, दलहन और तिलहन में क्रमशः 46% और 46.6% वृद्धि।
गन्ना उत्पादन 2,453.50 लाख मीट्रिक टन, देश के कुल उत्पादन का 55%।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.86 करोड़ किसानों को 90,000 करोड़ रुपये सीधे खातों में मिले।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास:
उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे 2 से बढ़कर 22, राष्ट्रीय राजमार्ग लंबाई और हवाई अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि।
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर जंक्शन और लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण अंतिम चरण में।
14,169 से बढ़कर 27,295 पंजीकृत कारखाने, 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आए, 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला।
एमएसएमई नीति-2022 के तहत 96 लाख इकाइयां, 1.75 करोड़ रोजगार सृजित।
ODOP योजना के तहत परंपरागत उद्योगों और शिल्पकारों को तकनीक और पैकेजिंग से जोड़ा।
विपक्ष पर कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के शासनकाल को अधूरा नेटवर्क और ठहरा निवेश करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले शिल्पकारों को हतोत्साहित किया गया, पीडीए नारा जनता की आंखों में धूल झोंकने का खेल था, जबकि उनकी सरकार ने स्वदेशी और परंपरागत उद्योगों को बढ़ावा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की विकास यात्रा में निर्णायक भूमिका निभाने वाला राज्य बन गया है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो और FDI नीति के तहत प्रदेश को ब्राइट स्पॉट के रूप में स्थापित किया गया है।