डीईआई में ‘वन महोत्सव सप्ताह’ बना जनजागरण का अभियान, वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

आगरा। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा 1 से 7 जुलाई तक वन महोत्सव सप्ताह का आयोजन किया गया। सप्ताह भर चले इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। व्याख्यान, पोस्टर, निबंध, स्लोगन और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, जबकि समापन अवसर पर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कर लगाए गए पौधों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।

Jul 9, 2026 - 20:23
 0
डीईआई में ‘वन महोत्सव सप्ताह’ बना जनजागरण का अभियान, वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित किए गये वन महोत्सव के अंतर्गत बनाए गये पोस्टर दिखातीं स्वयंसेवक।

कार्यक्रम का शुभारंभ 1 जुलाई को ज्ञानवर्धक व्याख्यान और वृक्षारोपण के साथ हुआ। संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. ललित मोहन और डॉ. अनुराधा ने ‘पौधों के महत्व’ विषय पर विशेष व्याख्यान देते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र को देखते हुए वृक्षारोपण आज केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

वन महोत्सव सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और रचनात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

2 जुलाई को आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से होने वाले दुष्परिणामों और हरियाली के महत्व को आकर्षक पोस्टरों में उकेरा। पोस्टरों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया गया।

3 जुलाई को आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संकट, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण तथा वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार विस्तार से व्यक्त किए और समाधान भी प्रस्तुत किए।

4 जुलाई को आयोजित स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ", "हरियाली है खुशहाली" जैसे प्रेरक और प्रभावशाली नारों के माध्यम से समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।

6 जुलाई को आयोजित भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा के महत्व और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर ओजस्वी एवं प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों के भाषणों ने उपस्थित लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

सप्ताह भर चले कार्यक्रम का समापन 7 जुलाई को एक विशाल वृक्षारोपण अभियान के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए। अभियान में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।

समापन समारोह में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सनिल कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।

SP_Singh AURGURU Editor