परिचर्चाः वेडिंग टूरिज्म बनेगा पर्यटन का नया इंजन, ताजमहल की ताकत से आगरा को वेडिंग कैपिटल बनाने की तैयारी
आगरा। ताजमहल की वैश्विक पहचान और आगरा के पर्यटन ढांचे को वेडिंग टूरिज्म से जोड़कर शहर को देश के प्रमुख विवाह पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। होटल ट्राइडेंट में वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन-यूपी इंडिया की परिचर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग होटल, खानपान, सजावट, परिवहन, पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा करती है। संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार से पर्यटन नीति में वेडिंग टूरिज्म की अलग श्रेणी बनाने और एकल खिड़की अनुमति व्यवस्था लागू करने की मांग की।
दीप प्रज्वलन से शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसमें वरिष्ठ उद्यमी, समाजसेवी एवं राष्ट्रीय चिंतक पूरन डावर, संगठन अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, होटल ट्राइडेंट के महाप्रबंधक युवराज सिंह नेगी, महासचिव संदीप उपाध्याय, उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल, पंकज गोयल, मनीष सिंघल, तरुण अग्रवाल, संरक्षक राजेश गोयल एवं संजय अग्रवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
वेडिंग इंडस्ट्री अर्थव्यवस्था का बड़ा इंजन
मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता पूरन डावर ने कहा कि वेडिंग इंडस्ट्री अब केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा इंजन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत की वेडिंग इंडस्ट्री करीब 7 से 8 लाख करोड़ रुपये की है। ताजमहल जैसे वैश्विक प्रेम के प्रतीक के कारण आगरा को वेडिंग टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।
एक शादी से जुड़ती है पूरे शहर की अर्थव्यवस्था
महासचिव संदीप उपाध्याय ने कहा कि एक शादी में दो परिवार जुड़ते हैं, लेकिन डेस्टिनेशन वेडिंग में पूरा शहर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था इससे जुड़ती है। होटल ट्राइडेंट के महाप्रबंधक युवराज सिंह नेगी ने कहा कि आगरा में कई नए होटल आने वाले हैं। वेडिंग सेक्टर होटल उद्योग के लिए आर्थिक बूस्टर का काम करता है और सरकार को इस क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
आगरा की पहचान को वेडिंग टूरिज्म से जोड़ने पर जोर
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि परिचर्चा में वेडिंग प्लानर, सजावट कारोबारी, कैटरर्स, टूर-ट्रैवल्स और आयोजन स्थलों से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। चर्चा का उद्देश्य आगरा सहित उत्तर प्रदेश और भारत को विवाह पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना रहा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगरा की पहचान और ऐतिहासिक स्मारक इसकी बड़ी ताकत हैं। संगठन 21-22 सितंबर को बड़ा आयोजन भी करने जा रहा है, जिसकी तैयारियां चल रही हैं।
डेस्टिनेशन वेडिंग से स्थानीय कारोबार को फायदा
परिचर्चा में पर्यटन विकास, होटल एवं आतिथ्य, स्थानीय अर्थव्यवस्था और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार एक डेस्टिनेशन वेडिंग से 300 से 500 पर्यटक तीन दिन तक आगरा में रुक सकते हैं। इससे 25 से अधिक स्थानीय कारोबार और 200 से अधिक परिवारों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है। आगरा के पेठे, संगमरमर हस्तशिल्प और जरी कार्य को विवाह उपहार के रूप में बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया गया।
सरकार से अलग नीति की मांग
एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार से पर्यटन नीति में वेडिंग टूरिज्म की अलग श्रेणी बनाने तथा डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए एकल खिड़की अनुमति व्यवस्था लागू करने की मांग की।
ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
कार्यक्रम में होटल ताज व्यू के महाप्रबंधक शांतनु बोस, एक्सपर्ट इवेंट्स के श्री सिंह, हर्ष सिसोदिया, संदीप सिकरवार, मुकेश गौतम, दिलीप गुप्ता, विपिन गुप्ता, शिखा जैन, आशीष अरोड़ा, अजीत बंसल, मानवेंद्र जादौन, प्रियंका तिवारी, रिया शर्मा, विमल गोयल और कमलप्रीत सिंह शैंकी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन संदीप उपाध्याय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन अनिल सविता ने दिया।