25 साल बाद जब फिर गूंजी स्कूल की घंटी: सेंट कॉनरेड्स के 2001 बैच ने दोस्ती, यादों और गुरुजनों के सम्मान के साथ मनाया सिल्वर जुबली रीयूनियन

आगरा। सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज के वर्ष 2001 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने 25 वर्षों बाद अपने विद्यालय में एकत्र होकर यादों का ऐसा कारवां सजाया, जिसने पूरे कैंपस को भावनाओं, उल्लास और आत्मीयता से भर दिया। कभी एक ही बेंच पर बैठकर पढ़ने वाले सहपाठी वर्षों बाद गले मिले तो किसी की आंखें नम हो गईं, तो कहीं पुरानी शरारतों और स्कूल के किस्सों पर ठहाके गूंज उठे। देश-विदेश से आए पूर्व छात्रों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विद्यालय को अपनी सफलता की सबसे मजबूत नींव बताया। सिल्वर जुबली रीयूनियन केवल मिलन समारोह नहीं, बल्कि दोस्ती, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा का जीवंत उत्सव बन गया।

Jul 18, 2026 - 18:27
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25 साल बाद जब फिर गूंजी स्कूल की घंटी: सेंट कॉनरेड्स के 2001 बैच ने दोस्ती, यादों और गुरुजनों के सम्मान के साथ मनाया सिल्वर जुबली रीयूनियन
सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज के वर्ष 2001 बैच की सिल्वर जुबली रीयूनियन में प्राचार्य रेव. फादर बिपिन कुजूर, अन्य शिक्षकों एवं देश-विदेश से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों के साथ यादगार समूह चित्र।

सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज में आयोजित इस विशेष रीयूनियन में ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम (यूके), अमेरिका (यूएसए), दुबई सहित भारत के विभिन्न शहरों से पूर्व विद्यार्थी पहुंचे। वर्षों बाद अपने सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यालय का प्रत्येक कोना बचपन और किशोरावस्था की अनगिनत यादों को ताजा कर रहा था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य रेव. फादर बिपिन कुजूर, प्रबंधक रेव. फादर ग्रेशियन, सहायक प्रबंधक रेव. फादर लॉरेंस साल्डाना तथा शिक्षकों के आत्मीय स्वागत और प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च स्थान देने का संदेश दिया। साथ ही विद्यालय के दिनों की अनेक रोचक घटनाओं को साझा कर सभी को पुराने दौर में पहुंचा दिया।

पूर्व विद्यार्थियों ने भी अपने जीवन और करियर में शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। सभी शिक्षकों को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया।

रीयूनियन के दौरान कभी पुरानी शरारतों का जिक्र हुआ तो कभी कक्षा में घटित मजेदार घटनाओं को याद कर सभी खुलकर हंसे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मनोरंजक गतिविधियों, अनुभव साझा करने के सत्र और अनौपचारिक संवाद ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। सभी पूर्व छात्रों ने स्वीकार किया कि विद्यालय से मिली शिक्षा, संस्कार और मित्रता आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

कार्यक्रम संयोजक गौरव खंडेलवाल ने बताया कि यह आयोजन केवल 25 वर्षों बाद मिलने का अवसर नहीं था, बल्कि उन अनमोल रिश्तों, संस्कारों और यादों को फिर से जीने का अवसर था, जिन्होंने सभी के जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है, जिसके रिश्ते समय और दूरियों के बावजूद हमेशा मजबूत बने रहते हैं।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से सभी पूर्व विद्यार्थियों को एक मंच पर जोड़ा गया। रीयूनियन के दौरान सभी पूर्व छात्रों की ओर से विद्यालय को एक एयर कंडीशनर भेंट किया गया। इसके अलावा विद्यालय के विकास कार्यों में सहयोग के लिए आर्थिक योगदान भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन वर्ष 2001 बैच की कोर कमेटी ने किया, जिसमें अंकुर अग्रवाल, सीए विपुल बंसल, गौरव खंडेलवाल, अमित खंडेलवाल, पारुल अग्रवाल, दिवाकर पंजवानी, शिष्ट सिक्का और विकास मिश्रा शामिल रहे। विद्यालय की शिक्षिका रूपाली शर्मा ने भी आयोजन के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रीयूनियन के समापन पर सभी पूर्व विद्यार्थियों ने भविष्य में भी एक-दूसरे से जुड़े रहने और विद्यालय के विकास में निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया।

SP_Singh AURGURU Editor