पीएम मोदी के नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स साबित होंगे मास्टरस्ट्रोक?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से जीएसटी सुधारों का बड़ा ऐलान किया है। सरकार जल्द ही मध्यम और निम्न वर्ग के लिए राहत पैकेज लाएगी। रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स में कमी की जाएगी, जिससे आम आदमी को फायदा होगा। यह दिवाली का डबल तोहफा होगा और बिहार चुनाव में भी मददगार साबित हो सकता है। आजादी की 79वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 103 मिनट का लंबा भाषण दिया। भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने से लेकर जेट इंजन बनाने तक, 10 गुना परमाणु विस्तार से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये के युवा रोजगार प्रोत्साहन तक, प्रधानमंत्री मोदी का संदेश स्पष्ट था कि भारत अपना भाग्य खुद तय करेगा, अपनी शर्तें स्वयं निर्धारित करेगा और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखेगा।
बिहार चुनाव के लिए कर दिया एजेंडा सेट
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के मौके पर लाल किले से नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स को लेकर बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने, इस बारे में जो कुछ कहा है, उसका सीधा संदेश है कि केंद्र सरकार देश के मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों के लिए बहुत बड़ा राहत पैकेज लेकर आ रही है। पीएम मोदी ने साफ किया है कि उनकी सरकार रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स में बहुत बड़ी रियायत देने जा रही है और इसे उन्होंने दिवाली का डबल तोहफा बताया है। दिवाली के छह दिन बाद ही महापर्व छठ का आयोजन होता है और फिर संभावना है कि अक्टूबर के आखिर और नवंबर के पहले हिस्से में बिहार विधानसभा चुनाव भी करवाए जा सकते हैं। मतलब, यह सिर्फ दिवाली ही नहीं, बल्कि बिहार के लिए चुनावी तोहफा भी साबित हो सकता है।
पीएम मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने 12वें संबोधन में जीएसटी सुधारों को लेकर बहुत बड़ी घोषणा की है। उनके मुताबिक उनकी सरकार इस साल दिवाली को डबल दिवाली में बदलने वाली है, क्योंकि वह देशवासियों को बहुत बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। उन्होंने जीएसटी लागू होने के बाद इसमें सुधारों के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाकर रिव्यू का काम शुरू करवाया है, जिसमें राज्यों के साथ भी विचार विमर्श किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लेकर के आ रहे हैं। ये दिवाली के अंदर आपके लिए तोहफा बन जाएंगे। सामान्य मानवी की जरूरतों के टैक्स भारी मात्रा में कम कर दिए जाएंगे। बहुत बड़ी सुविधा बढ़ेगी। हमारे एमएसएमई, हमारे लघु उद्यमी, इन्हें बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की चीजें बहुत सस्ती हो जाएंगी; और उससे इकॉनमी को भी एक नया बल मिलने वाला है।"
इस तरह से साफ लग रहा है कि पीएम मोदी ने 15 अगस्त को जो दिवाली का तोहफा देने की घोषणा की है, वह बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भी बहुत बड़ा तोहफा साबित हो सकता है। बिहार में नीतीश कुमार की मौजूदा एनडीए सरकार पहले से ही एक के बाद एक लोक लुभावन घोषणाओं की लड़ी लगा चुकी है। ऐसे में उस समय अगर केंद्र सरकार की नीतियों से आम लोगों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी और छोटे कारोबारियों को कारोबार में मदद मिलेगी तो इससे बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को बहुत बड़ा चुनावी फायदा मिल सकता है। यूं भी उस समय आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से सरकार इस तरह की घोषणा नहीं कर सकेगी और पीएम मोदी ने इसलिए 15 अगस्त को ही यह एलान कर दिया है।
भाषण में पीएम का मजबूत इरादा नजर आया
पीएम मोदी के भाषण में उनका मजबूत इरादा नजर आया। देश की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत 'सुदर्शन चक्र' मिशन लॉन्च करेगा। कहा कि मिशन 'सुदर्शन चक्र' पावरफुल वेपन सिस्टम होगा, जो दुश्मन के हमले को ध्वस्त करेगा और साथ ही कई गुना ज्यादा दुश्मन पर हिटबैक भी करेगा। इस ऐलान के साथ पीएम मोदी ने इसके तैयार किए जाने को लेकर समय सीमा भी तय कर दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'अगले 10 साल यानी 2035 तक देश के प्रमुख स्थलों, सामरिक व नागरिक क्षेत्रों और धार्मिक केंद्रों को टेक्नोलॉजी के नए प्लेटफॉर्म से सुरक्षा का कवच दिया जाएगा। इस सुरक्षा का कवच लगातार विस्तार होता जाए, देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, किसी भी प्रकार की तकनीक हम पर वार करने आए, हमारी तकनीक उससे बेहतर सिद्ध हो, इसलिए अगले 10 साल में यानी 2035 तक राष्ट्रीय सुरक्षा कवच का विस्तार करना चाहता हूं।'
राजनीतिक विश्लेषक मोदी के बयान को कैसे देख रहे?
राजनीतिक विश्लेषक 2035 तक सुदर्शन चक्र के निर्माण के उपर्युक्त ऐलान को मोदी के अगले दस वर्षों तक प्रधानमंत्री पद पर कायम रहने का संकेत मान रहे हैं। पीएम मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर संकल्प लिया है कि वह सुरक्षा कवच को मजबूती देना चाहते हैं और आधुनिक बनाना चाहते हैं। शायद राजनीतिक विश्लेषक पीएम मोदी के इसी संकल्प को उनके सत्ता में अगले 10 साल यानी 2035 तक बने रहने का संकेत मान रहे हैं।
सुदर्शन चक्र की सुनाई कहानी
बहरहाल, अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा पाकर उनका जो सुदर्शन चक्र था, उस राह को चुना है। महाभारत की लड़ाई में श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था और दिन में ही अंधेरा कर दिया था। उस समय जयद्रथ का वध करने की अपनी शपथ को अर्जुन पूर्ण कर पाए थे। वह सुदर्शन चक्र के पराक्रम और रणनीति का परिणाम था। अब देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा।'
प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने का वचन दिया
प्रधानमंत्री ने कहा, 'सुदर्शन चक्र मिशन के लिए भारत ने मूलभूत बातें तय की हैं। हम अगले 10 साल में उनको प्रखरता से आगे बढ़ाना चाहते हैं। इस आधुनिक सिस्टम के लिए रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग भारत में ही होगी और इसमें देश के नौजवानों का टैलेंट होगा। एक ऐसी व्यवस्था होगी, जो युद्ध की स्थितियों के हिसाब से 'प्लस-वन' स्ट्रैटेजी वर्कआउट करेगी। सुदर्शन चक्र द्वारा टारगेट और एक्शन की व्यवस्था को विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।' पीएम मोदी ने 'स्वदेशी रक्षा प्रणाली' को लेकर उन्होंने युद्ध के बदलते तौर-तरीकों में राष्ट्र और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने का वचन दिया है।
देश में लॉन्च होगा 'हाई पावर डेमोग्राफी मिशन'
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने घुसपैठियों द्वारा देश की डेमोग्राफी बदलने पर चिंता व्यक्त की और इसे रोकने के लिए 'हाई पावर डेमोग्राफी मिशन' शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने नक्सलवाद पर भी कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अब यह 125 से घटकर 20 जिलों तक सीमित हो गया है, और जनजातीय क्षेत्रों में विकास हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 'मैं आज एक चिंता और चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं। सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्रॉफी को बदला जा रहा है, एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं ये घुसपैठिए मेरे देश के नौजवानों की रोजी रोटी छीन रहे हैं, ये घुसपैठिए मेरे देश की बहन बेटियों को निशाना बना रहे हैं ये बर्दाश्त नहीं होगा।'
उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिये भोले-भाले आदिसवासियों को भ्रमित करके उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। ये देश सहन नहीं करेगा। इसलिए जब डेमोग्रॉफी परिवर्तन होता है सीमा के क्षेत्र में ये होता है तो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा होता है।
सामाजिक तनाव के बीज बो देता है, कोई देश अपना देश घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता है, तो हम भारत को कैसे कर सकते हैं। हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से आजादी पाई है। उन महापुरुषों के लिए सच्ची श्रद्धा ये है कि हम घुसपैठियों को स्वीकार नहीं करें। यही उनको सच्ची श्रद्दांजलि होगी, इसलिए मैं आज लाल किले की प्राचीर से कहना चाहता हूं कि हमने एक 'हाई पावर डेमोग्राफी मिशन' शुरू करने का निर्णय किया है, इस मिशन के जरिए जो भीषण संकट नजर आ रहा है, उसको निपटाने के लिए तय समय में अपने कार्य को करेगा।
नक्सलवाद पर पीएम मोदी का तगड़ा अटैक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले के प्राचीर से कहा कि कभी 125 जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़े जमा चुका था। माओवाद की चंगुल में हमारे जनजातीय क्षेत्र हमारे जनजातीय नौजवान फंसे हुए थे। आज 125 जिलों में कम होते होते हम 20 पर ले आए हैं। उन जनजातीय समाज की सबसे बड़ी हमने सेवा की है। एक जमाना था जब बस्तर को याद करते ही माओवाद, नक्सलवाद, बम बंदूक की आवाज सुनाई देती थी। उसी बस्तर में माओवाद नक्सल से मुक्त होने के बाद बस्तर के नौजवान ओलंपिक करते हैं।
उन्होंने कहा कि हजारो नौजवाना भारत माता की जय बोलकर खेल के मैदान में उतरते हैं, जो क्षेत्र कभी रेड कॉरडोर के रूप में जाने जाते थे। वो आज विकास की ग्रीन कॉरिडोर बन रहे हैं, भारत के जिन क्षेत्र को लाल रंग से रंग दिया था हमने वहां संविधान, कानून और विकास का तिरंगा फहरा दिया है।
लगातार 12वीं बार लाल किले पर झंडा फहराया
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस स्वतंत्रता दिवस पर नया इतिहास रच दिया। उन्होंने लगातार 12वीं बार लाल किले पर झंडा फहराया। ऐसा करने वाले वह पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं। 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी हर साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते आ रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी जीत के बाद यह उनका दूसरा स्वतंत्रता दिवस संबोधन रहा।