शादी का झांसा देकर साल भर दुष्कर्म, गर्भपात कराया और आठ लाख के जेवर हड़पे! बरेली के दरोगा पर महिला के सनसनीखेज आरोप, एसएसपी ने किया निलंबित
बरेली में एक महिला ने पुलिस उप निरीक्षक नरेश बाबू पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, जबरन गर्भपात कराने, लाखों रुपये के जेवर हड़पने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मामले की जांच पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा को सौंपी गई है।
-आरके सिंह-
बरेली। जनपद में एक महिला की शिकायत पर पुलिस विभाग के एक उपनिरीक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि थाना सिरौली में वर्तमान में तैनात उप निरीक्षक नरेश बाबू ने पहले उसकी पारिवारिक समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाया, फिर शादी और नौकरी का झांसा देकर करीब एक वर्ष तक उसका शारीरिक शोषण किया। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे लाखों रुपये के जेवर भी ले लिए, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने उपनिरीक्षक नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत विभागीय जांच के आदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पति से विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी महिला
महिला, जो थाना बारादरी क्षेत्र की रहने वाली है, ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि वर्ष 2022 से उसका अपने पति के साथ विवाद चल रहा है और वह अलग रह रही है। वर्ष 2025 में वह अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत लेकर थाना बारादरी पहुंची थी। वहीं उसकी मुलाकात तत्कालीन तैनात उपनिरीक्षक नरेश बाबू से हुई।
महिला का आरोप है कि दरोगा ने पहले उसकी पूरी बात सहानुभूति से सुनी और भरोसा दिलाया कि वह उसकी हर संभव मदद करेगा। उसने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में उसकी अच्छी पकड़ है और वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संबंध होने के कारण वह उसकी नौकरी भी लगवा सकता है। इसके साथ ही उसने अपनी पत्नी को तलाक देकर महिला से शादी करने का वादा भी किया।
'तुम बहुत खूबसूरत हो, पत्नी को छोड़ दूंगा'
महिला का आरोप है कि नरेश बाबू लगातार उसके संपर्क में रहने लगा और उसके घर भी आने-जाने लगा। उसने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी पत्नी को छोड़ देगा और उससे विवाह करेगा। शादी के इसी भरोसे के आधार पर उसने कई बार महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि वह आरोपी की बातों पर विश्वास करती रही क्योंकि उसे भरोसा था कि दोनों का विवाह होगा।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष करवा चौथ के बाद से आरोपी उसके घर पर ही रहने लगा था।
8 लाख रुपये के सोने के जेवर लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार फरवरी 2026 में उप निरीक्षक ने अपने बेटे की शादी का हवाला देकर महिला से लगभग आठ लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर ले लिए। बाद में जब महिला ने जेवर वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। विरोध करने पर उसने कथित रूप से महिला को धमकाना शुरू कर दिया।
जबरन गर्भपात कराने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान वह गर्भवती हो गई। जब आरोपी को इसकी जानकारी मिली तो 12 मई को उसने कथित रूप से जबरन गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
महिला का कहना है कि घटना के बाद उसने डायल-112 पर सूचना दी थी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी और उसके साथ मौजूद लोग उसे जान से मारने की धमकी देकर वहां से चले गए।
अस्पताल में परिवार पर अभद्रता का आरोप
महिला ने बताया कि 4/5 जुलाई की रात नरेश बाबू सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। सूचना मिलने पर उसने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का खर्च भी उठाया। लेकिन अगले दिन अस्पताल में आरोपी के परिवार के लोगों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद आरोपी ने उससे सभी संबंध समाप्त कर लिए।
महिला का आरोप है कि दरोगा ने अपनी पुलिस विभाग में पकड़ और प्रभाव का हवाला देते हुए उसे डराया-धमकाया और कहा कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसी डर के कारण वह लंबे समय तक शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
एसएसपी ने किया निलंबित, जांच शुरू
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने मंगलवार रात बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेते हुए उप निरीक्षक नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा को सौंपी गई है।
पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। आरोपी पक्ष का विस्तृत बयान अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
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