महिला आरक्षण पर ‘कानून पास लेकिन लागू नहीं, इससे सरकार की मंशा सवालों में-शब्बीर अब्बास

आगरा। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर समाजवादी पार्टी के महानगर अध्य़क्ष शब्बीर अब्बास ने तीखा हमला बोला है। सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संसद से भारी बहुमत से पारित महिला आरक्षण कानून को अब तक लागू न करना सरकार का “दोहरा चेहरा” उजागर करता है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार इसे ऐतिहासिक बताती है, वहीं दूसरी ओर इसे लागू करने में लगातार देरी कर रही है, जिससे महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक भागीदारी से वंचित रखा जा रहा है।

Apr 23, 2026 - 19:21
 0
महिला आरक्षण पर ‘कानून पास लेकिन लागू नहीं, इससे सरकार की मंशा सवालों में-शब्बीर अब्बास

समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को सरकार ने बड़े जोर-शोर से पेश किया था, लेकिन अब इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। पहले 2026 की जनगणना का हवाला दिया गया, लेकिन अब अलग-अलग बयान सामने आने से स्थिति और भी अस्पष्ट हो गई है, जिससे आम जनता में भ्रम फैल रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार में महिलाओं की वास्तविक भागीदारी बेहद सीमित है। कैबिनेट स्तर पर महिला मंत्रियों की संख्या कम है और राज्यों में भी महिला मुख्यमंत्रियों की संख्या नगण्य है, जो सरकार के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

सबसे अहम मुद्दा उठाते हुए अब्बास ने कहा कि महिला आरक्षण कानून में अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इससे सामाजिक न्याय का संतुलन बिगड़ सकता है और बिना जातीय जनगणना के आरक्षण लागू करने से पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्गों के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के बजाय इसे चुनावी मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द जनगणना कराए, परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करे और सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण महिला आरक्षण लागू करे।

Top of Form

Bottom of Form

SP_Singh AURGURU Editor