विश्व जनसंख्या दिवस पर डीईआई के युवाओं ने दिया जागरूकता का संदेश, पोस्टर और वाद-विवाद प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को बढ़ती जनसंख्या की चुनौतियों और समाधान पर विचार करने का मंच दिया। पोस्टर मेकिंग और वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने जनसंख्या, पर्यावरण और संसाधनों के संतुलन पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
आगरा। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों में जनसंख्या वृद्धि के वैश्विक और राष्ट्रीय प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोस्टर मेकिंग एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई।
कार्यक्रम का संचालन एवं निर्देशन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. अपेक्षा जैन, श्री मुकेश कुमार सीतपाल, डॉ. राजेश कुमार, श्री सौरव सिकरवार तथा सहायक स्टाफ सोनू कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज विश्व की बढ़ती जनसंख्या केवल संख्या का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और पर्यावरण पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सीमित संसाधनों और बढ़ती आबादी के बीच संतुलन नहीं बनाया गया तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत एवं स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना कठिन हो जाएगा।
उन्होंने युवाओं से छोटे परिवार के महत्व, लैंगिक समानता और प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान करते हुए कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक सामाजिक परिवर्तन के सबसे सशक्त वाहक हैं।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने "बढ़ती जनसंख्या : विकास में बाधा या संसाधन" विषय पर पक्ष और विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में अर्जुन श्रीवास्तव ने प्रथम, तृप्ति शर्मा ने द्वितीय तथा हरेंद्र सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने "सीमित पृथ्वी, असीमित लोग" विषय पर पर्यावरण संरक्षण और जनसंख्या संतुलन को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। इसमें खुशी ने प्रथम, सूरत कुमार ने द्वितीय तथा वंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार सीतपाल ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।