दीपों से नहाया यमुना घाट, लोकमाता अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर बटेश्वर में भव्य यमुना आरती
बटेश्वर-आगरा। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के पावन अवसर पर आगरा जनपद के प्राचीन तीर्थस्थल बटेश्वर में रविवार की शाम यमुना घाट दीपों की जगमगाहट से आलोकित हो उठा। बटेश्वर के प्रसिद्ध शिव मंदिरों की श्रृंखला के समीप यमुना घाट पर आयोजित भव्य यमुना आरती में जनसैलाब उमड़ पड़ा। आरती के दौरान घाटों पर दीपों की परछाईं जब यमुना जल में लहराने लगी, तो दृश्य अत्यंत मनोहर और दिव्य बन गया।
विधायक पक्षालिका सिंह भदावर ने की सहभागिता
कार्यक्रम में बाह क्षेत्र की विधायक रानी पक्षालिका सिंह भदावर ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने यमुना मैया की विधिपूर्वक आरती में भाग लेकर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और उनके समाज सुधार कार्यों को स्मरण किया। उन्होंने कहा, लोकमाता अहिल्याबाई ने न केवल धार्मिक स्थलों का निर्माण कराया बल्कि समाज में नारी शक्ति और सेवा भावना की प्रेरणा भी दी। उनकी जयंती पर यह आयोजन हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है।
भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नागरिकों ने दिखाई श्रद्धा
कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने भारी संख्या में भाग लिया। दीपों से सजे घाट, मंत्रोच्चार, घंटियों की ध्वनि और शंखनाद से बटेश्वर का पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
शिव मंदिरों में हुई पूजा-अर्चना
आरती से पूर्व बटेश्वर के प्राचीन शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर यमुना मैया की कृपा की कामना की। मंदिर परिसर में भी दीप सज्जा और फूलों की सजावट की गई, जिससे तीर्थस्थल एक अलौकिक रूप में नजर आया।
नदी, संस्कृति और श्रद्धा का संगम
बटेश्वर में यह आयोजन न केवल धार्मिक भावना का प्रकटीकरण था, बल्कि नदी संरक्षण, संस्कृति संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का प्रतीक भी बना। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि वर्षों बाद यमुना घाट पर ऐसा दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिला, जो लंबे समय तक स्मृतियों में रहेगा।