आगरा के रायभा में ठेकेदार की मारपीट, अपमान और प्रताड़ना से आहत होकर युवक ने किया सुसाइड, मजदूरी मांगने पर ठेकेदार ने रस्सी से उल्टा लटकाकर पीटा था, पुलिस की मौजूदगी में भी पीटा गया था, परिजनों ने शव को रखकर किया हंगमा, मुकदमा दर्ज होने पर ही हुआ अंतिम संस्कार
-महावीर सिंह वर्मा- अछनेरा (आगरा)। अछनेरा थाना क्षेत्र के रायभा गांव में एक राजमिस्त्री द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और उसके भाइयों ने मजदूरी के रुपये मांगने और चोरी का झूठा आरोप लगाकर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, रस्सी से बांधकर उल्टा लटका दिया तथा गांव वालों के सामने भी अपमानित किया। प्रताड़ना से आहत होकर युवक ने घर पहुंचकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद अंतिम संस्कार कराया गया।

मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचने के बाद मौके पर एकत्रित लोग।
रायभा निवासी ओमवीर पुत्र जनक सिंह ने थाना अछनेरा में दी गई तहरीर में बताया कि उसका चचेरा भाई सत्यवीर सिंह पुत्र महावीर सिंह पिछले करीब दो वर्षों से ठेकेदार धर्म सिंह पुत्र कमल सिंह के यहां राजमिस्त्री का कार्य करता था। मजदूरी 550 रुपये प्रतिदिन तय थी, लेकिन उसे कभी 200 तो कभी 300 रुपये ही दिए जाते थे। परिजनों का आरोप है कि उससे बंधुआ मजदूर की तरह काम कराया जाता था और कई बार शराब पिलाकर भी पूरे दिन मजदूरी कराई जाती थी।
परिजनों के अनुसार विगत दिनों मजदूरी के रुपये को लेकर विवाद हुआ था। इसी बीच ठेकेदार धर्म सिंह की समरसेबल चोरी हो गई, जिसका आरोप भी सत्यवीर पर लगा दिया गया। परिजनों का कहना है कि 22 जून को सत्यवीर अपनी बकाया मजदूरी मांगने ठेकेदार धर्म सिंह के पास पहुंचा तो उसे मारते-पीटते सिद्ध विनायक कॉलेज के पास स्थित घर ले जाया गया, जहां चोब सिंह, जैकी सिंह, कृपाल सिंह, रामू और श्यामू पहले से मौजूद थे।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि विगत दिवस ठेकेदार धर्म सिंह ने अपने भाई जैकी से रस्सा मंगवाकर सत्यवीर को उल्टा लटका दिया और सभी ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। मारपीट में उसकी नाक से खून बहने लगा। परिजनों का कहना है कि आरोपी उसे मृत समझकर छोड़ गए, लेकिन वह किसी तरह घर पहुंच गया।
आरोप है कि इसके बाद भी हरि सिंह और उसके भाइयों ने दोबारा उसके साथ मारपीट की। सूचना पर 112 नंबर पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को साथ लेकर चली गई, लेकिन रास्ते में समझौता कराकर छोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के सामने भी ठेकेदार और उसके भाइयों ने सत्यवीर से मारपीट की थी। पुलिस के जाने के बाद सत्यवीर को फिर पकड़कर मारपीट की गई और मंदिर से घर तक लाया गया।
ओमवीर का आरोप है कि लगातार मारपीट, अपमान और मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर सत्यवीर ने 22 जून की शाम करीब चार बजे अपने घर में आत्महत्या कर ली।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी और तहसील प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग को लेकर शव को घर पर रखकर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और तनाव की स्थिति बन गई।
स्थिति को देखते हुए एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और सर्किल का अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद थाना अछनेरा प्रभारी निरीक्षक को आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने और प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।