दिल्ली में मेट्रो के आगे कूदकर जान देने वाला छात्र टूट चुका था। सुसाइड नोट में लिखा- ‘सॉरी मॊम, आपका दिल बहुत बार तोड़ा, अब आखिरी बार…’ ‘सॉरी भैया, मैं बदतमीज़ था’, ‘मेरी आखिरी ख्वाहिश है, जिन शिक्षकों ने मुझे यातना दी, उन पर कार्रवाई हो ताकि कोई और बच्चा मेरी तरह न जाए‘

दिल्ली में दिल दहला देने वाली घटना में एक 16 वर्षीय स्कूली छात्र ने राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन से छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली छी। घटना से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में उसने अपने स्कूल के कई शिक्षकों और प्रिंसिपल पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह लगातार दबाव और अपमान से टूट चुका था। नोट में दर्द, डर और बेबसी के साथ न्याय की अपील भी दर्ज है, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया है।

Nov 20, 2025 - 14:07
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दिल्ली में मेट्रो के आगे कूदकर जान देने वाला छात्र टूट चुका था। सुसाइड नोट में लिखा- ‘सॉरी मॊम, आपका दिल बहुत बार तोड़ा, अब आखिरी बार…’ ‘सॉरी भैया, मैं बदतमीज़ था’, ‘मेरी आखिरी ख्वाहिश है, जिन शिक्षकों ने मुझे यातना दी, उन पर कार्रवाई हो ताकि कोई और बच्चा मेरी तरह न जाए‘
प्रतीकात्मक इमेज।

दिल्ली के राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन पर यह हादसा हुआ। क्लास-10 का छात्र अचानक प्लेटफॉर्म से कूद गया। पुलिस और यात्रियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

छात्र के बैग से मिला सुसाइड नोट पूरे मामले का सबसे दर्दनाक हिस्सा है।
नोट में लिखा था- कुछ टीचर्स और स्कूल की प्रिंसिपल उसे महीनों से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।

उसने अपनी मां को लिखा- ‘सॉरी, आपका दिल बहुत बार तोड़ा, अब आखिरी बार…’

अपने भाई को लिखा-  सॉरी भैया, मैं बदतमीज़ था…

उसने कहा कि यदि उसके शरीर का कोई अंग उपयोग योग्य हो तो उसे गरीबों को दान कर दिया जाए।

साथ ही ये भी लिखा- मेरी आखिरी ख्वाहिश है, जिन शिक्षकों ने मुझे यातना दी, उन पर कार्रवाई हो ताकि कोई और बच्चा मेरी तरह न जाए।

परिवार के अनुसार छात्र कई महीनों से परेशान था। शिक्षक मामूली बातों पर उसे डांटते, अपमानित करते और मानसिक दबाव में डाल देते थे। पिता ने बताया कि उन्होंने कई बार स्कूल प्रशासन, प्रिंसिपल, कोऑर्डिनेटर और अन्य टीचर्स से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परिवार का दावा है कि बच्चे को एक लक्षित प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्र सेंट कोलम्बिया स्कूल, अशोक प्लेस का था। नोट में जिनके नाम लिखे थे- युक्ति मैम, पाल मैम, मनु कालरा, प्रिंसिपल अपराजिता पाल।

पुलिस ने तुरंत ‘अबेटमेंट टू सुसाइड’ (उकसाकर आत्महत्या) की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। स्कूल से सीसीटीवी फुटेज मांगा गया है। जिन शिक्षकों और प्रिंसिपल का नाम नोट में है, उनसे पूछताछ की तैयारी चल रही है।

घटना के बाद अन्य छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि यदि शिकायतें पहले सुन ली जातीं, तो यह त्रासदी रोकी जा सकती थी। गुस्सा इस बात को लेकर भी है कि आज के स्कूल महज ‘एजुकेशन सेंटर’ नहीं, बल्कि कई बार बच्चों पर प्रेशर जोन बन गए हैं।

SP_Singh AURGURU Editor