बरेली में मौलाना तौकीर के करीबी कारोबारी आरिफ की 17 दुकानें सील, दुकानदार ने जताया विरोध
बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबी माने जाने वाले आरिफ पर भी प्रशासन का शिकंजा कस गया है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शनिवार को आरिफ की कुल 17 दुकानों को सील कर दिया, जिनमें पीलीभीत बाईपास और थाना बारादरी क्षेत्र के जगतपुर स्थित मार्केट शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी दुकानें बिना स्वीकृत नक्शे के बनाई गई थीं। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब नगर विकास मंत्री खुद शहर में मौजूद थे और उन्होंने साफ कहा कि सरकारी ज़मीन पर हुआ हर अवैध कब्ज़ा मुक्त कराया जाएगा।
-आरके सिंह-
बरेली। शनिवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की टीम ने विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह के नेतृत्व में तौकीर रजा के करीबी कारोबारी आरिफ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। टीम ने आरिफ की पीलीभीत बाईपास स्थित दो दुकानों और थाना बारादरी के जगतपुर में बनी दो मंजिला मार्केट की 15 दुकानों को सील कर दिया।
अजीत सिंह ने बताया कि सभी दुकानों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया था। इसलिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आरिफ की संपत्तियों को सील किया गया है।
बताया गया कि जगतपुर स्थित दो मंजिला मार्केट लगभग 1200 वर्ग फीट क्षेत्र में निर्मित है, जिसमें 15 दुकानें थीं। वहीं, पीलीभीत रोड स्थित फ्लोरा गार्डन के बराबर आरिफ की एक बिल्डिंग में नीचे पीटर इंग्लैंड का शोरूम और ऊपर एक जिम संचालित था। बीडीए टीम ने दोनों को शनिवार सायं सील कर दिया।
इससे पहले बीडीए ने आरिफ के फ्लोरा गार्डन और फहम लॉन को भी सील कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, आरिफ के स्वामित्व वाली दुकानों की कीमत प्रति दुकान 30 से 35 लाख रुपये के बीच है।
सीलिंग के दौरान दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बीडीए ने उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं दिया। एक दुकानदार ने कहा कि हमने सिर्फ कुछ घंटे की मोहलत मांगी थी ताकि सामान निकाल सकें, लेकिन टीम ने वह भी नहीं दी। हमारा सारा सामान अंदर रह गया।
मार्केट के व्यापारियों के अनुसार, आरिफ ने पहले ही 13 दुकानें बेच दी थीं और केवल दो किराए पर थीं। हमने वैध रूप से दुकानें खरीदी थीं। अब अगर मालिक पर कार्रवाई हो रही है, तो हम निर्दोष खरीदार क्यों भुगतें? एक व्यापारी ने सवाल उठाया।
कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई जब नगर विकास मंत्री शहर में मौजूद थे और उन्होंने मंच से दो टूक कहा कि सरकारी या नगर निगम की जमीन पर एक इंच भी अवैध कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा। उनके बयान के कुछ घंटों के भीतर बीडीए की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में कई अन्य अवैध निर्माणों पर भी बुलडोज़र चल सकता है।