1975 में कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए संविधान का गला घोंट दिया था- वसुंधरा राजे
आगरा। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित आपातकाल की 50वीं बरसी पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए संविधान का गला घोंट दिया था। कांग्रेस आज भी उसी तानाशाही मानसिकता के साथ जी रही है। उन्हें देश से इस पाप के लिए माफी मांगनी चाहिए।
-आपातकाल की 50वीं बरसी पर भाजपा की संगोष्ठी में वसुंधरा का तीखा हमला
-आगरा के लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को भाजपा द्वारा किया गया सम्मानित
आरबीएस कॉलेज स्थित कृष्णराव सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वसुंधरा राजे ने कहा कि कि आपातकाल केवल सत्ता का दुरुपयोग नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या थी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस दिन को "संविधान हत्या दिवस" घोषित करना आगामी पीढ़ियों को उस काले अध्याय की याद दिलाने के लिए ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। वह समय आज भी लोगों की स्मृति में यातना बनकर जीवित है।
वृक्षारोपण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सभागार के बाहर वृक्षारोपण से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वसुंधरा राजे के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत पौनिया, सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी ने दिलाई आपातकाल की यादें
सेनानियों की चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करतीं वसुंधरा राजे।
इसके पश्चात आपातकाल की त्रासदी पर आधारित फोटोग्राफिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में तत्कालीन समाचार पत्रों के कवर, समाचार और लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की जेल यात्रा के चित्र प्रदर्शित किए गए थे। इसके उद्घाटन में वसुंधरा राजे सिंधिया, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य, केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता और जिला अध्यक्ष प्रशांत पोनिया शामिल हुए।
आजादी छीनी और आत्मसम्मान कुचला गया-प्रो. बघेल
संगोष्ठी का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पण कर किया गया। केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि आपातकाल में सिर्फ स्वतंत्रता नहीं छीनी गई, बल्कि आत्मसम्मान भी कुचला गया। आज जब हम इन सेनानियों को सम्मानित कर रहे हैं, तो यह एक पीढ़ियों को जोड़ने वाली कड़ी बन रही है।
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य ने कहा कि जिसने कांग्रेस की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई, उसे जेल में ठूंस दिया गया। यह पाप देश कभी नहीं भूलेगा।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष राज कुमार गुप्ता ने कहा, आज कांग्रेस डिजिटल इमरजेंसी की ओर बढ़ रही है। आपातकाल उसकी मानसिकता और प्रवृत्ति का प्रमाण है। कांग्रेस मुक्त भारत ही एकमात्र समाधान है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को सलाम है। कांग्रेस की तानाशाही को चुनौती देना साहस का काम था।
लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान
कार्यक्रम के सबसे भावुक क्षण वो थे जब मंच पर एक-एक लोकतंत्र रक्षक सेनानी को दुपट्टा, माला व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले लोकतंत्र सेनानियों में पुरुषोत्तम खंडेलवाल (विधायक), राजवीर सिंह, अश्वनी ग्रोवर, बनवारी लाल वर्मा, अशोक भाटिया, धनराज कर्मचंदानी, महेश चंद, नारायण सिंह, नरेंद्र जग्गा, जगदीश प्रसाद, अशोक कोटिया, डॉ. कृष्ण गोपाल कपूर, संजय गोयल, योगेन्द्र कुमार शर्मा, गणेश चंद, डॉ. पंकज भाटिया, राजेश कुमार महाजनऔर भुवनेश दत्त अरोरा आदि शामिल थे।
विधायक खंडेलवाल ने सुनाए यातना के किस्से
विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि हम में कई तो किशोर थे, लेकिन जेल में रियायत नहीं थी। सूखी रोटी और पानी तक नहीं दिया जाता था। इसके बाद भी जेल में ही बिना झंडे के शाखा चलती थी। उन्होंने बताया कि सत्यप्रकाश विकल, भगवान शंकर रावत, रमेशकांत लवानिया, हरद्वार दुबे, अश्वनी ग्रोवर जैसे प्रमुख सेनानियों ने जेल में अमानवीय यातनाएं झेली थीं। सरकार ने उनके परिवारों तक को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि आगरा से 1100 लोग जेल में बंद रहे।