बरेली में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सज़ा, पॉक्सो कोर्ट का कड़ा फैसला
बरेली में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म करने के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी शानू को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई, जिससे पीड़िता को न्याय की दिशा में बड़ी राहत मिली है।
-आरके सिंह-
बरेली। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और बलात्कार करने के गंभीर मामले में बरेली की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने कठोर निर्णय लेते हुए आरोपी शानू पुत्र पप्पू, निवासी काशीराम कॉलोनी, को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। न्यायालय ने साथ ही 35,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पीड़िता की मां ने 14 मार्च 2023 की रात थाना सीबीगंज में तहरीर दी थी कि आरोपी शानू उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ बलात्कार किया।
शिकायत पर पुलिस ने 363 आईपीसी (अपहरण), 366A आईपीसी (नाबालिग को अवैध उद्देश्यों हेतु ले जाना), 376(3) आईपीसी (नाबालिग से दुष्कर्म), धारा 3/4(2) पॉक्सो एक्ट आदि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि मामले की विवेचना तेज गति से पूरी की गई। न्याय सुनिश्चित कराने में उप निरीक्षक अशोक कुमार, थाना सुभाषनगर, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, विशेष पॉक्सो कोर्ट महिला सिपाही रेनू, कोर्ट पैरोकार, थाना सीबीगंज की भूमिका अहम रही। इन सभी ने सबूतों और गवाहों को समय पर न्यायालय तक पहुंचाया।
एडीजीसी चंद्र प्रकाश गुप्ता ने अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाह प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी शानू को दोषसिद्ध किया और विभिन्न धाराओं में सज़ा सुनाई। धारा 4(2) पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास, ₹20,000 का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास, धारा 363 आईपीसी में 3 वर्ष का कारावास, 5,000 अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 3 माह अतिरिक्त कारावास, धारा 366A आईपीसी 5 वर्ष का कारावास और 10,000 अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 4 माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।