एकल अभियान की सेवा साधना के 35 वर्षः सूरसदन में गूंजा वनबंधु परिषद का समर्पण स्वर
आगरा। वनबन्धु परिषद् आगरा चैप्टर द्वारा संचालित एकल अभियान की 35 वर्षों की अखंड सेवा-यात्रा को रेखांकित करता भव्य वार्षिकोत्सव समारोह सूरसदन सभागार में उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। समाजसेवा, शिक्षा और जनजागरण के इस अभियान ने देशभर के वनवासी क्षेत्रों में सामाजिक उत्थान, संस्कार और आत्मनिर्भरता की नई चेतना जगाई है।

सूरसदन सभागार में आयोजित 35वें वार्षिकोत्सव का शुभारम्भ वनबन्धु परिवार के वरिष्ठ सदस्यों- संस्थापक डॉ. आर.पी. मंगल, पूर्व अध्यक्ष रामरतन मित्तल, वर्तमान अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार सिंघल, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, सचिव जगदीश प्रसाद बंसल, उपाध्यक्ष राजेश वर्मा, संयोजक श्री गोविन्द प्रसाद अग्रवाल, रवि अग्रवाल, विजय कुमार खन्ना, हरिओम अग्रवाल, अनिल गोयल, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, डा. जी.एस. जैन, प्रो. अमित अग्रवाल, नरेन्द्र बंसल, देवेन्द्र वाजपेयी आदि गणमान्य सदस्यों के कर-कमलों से हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में किशोर नारायण खन्ना, मैनेजिंग डायरेक्टर, रोमसंस ग्रुप एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में गोपाल गुप्ता, चेयरमैन, गुप्ता एच.सी. ओवरसीज, मंच पर उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने एकल अभियान की निरंतर प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि वनवासी समाज का विकास ही भारत का समग्र विकास है।
नाट्य प्रस्तुतियों ने बांधा समां
आगरा के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण एवं राष्ट्रभक्ति पर आधारित प्रेरणादायक नाट्य प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों से जोरदार सराहना मिली। निर्णायक मंडल में अजय दुबे, उमाशंकर मिश्रा, एवं उमेश अमल ने प्रतिभागी दलों का मूल्यांकन किया। विजेता महाविद्यालयों का सम्मान पुरस्कार राशि देकर किया गया।
कार्यक्रम में महिला समिति का योगदान विशेष रहा। मधु बंसल (नोर्थ जोन मकर संक्रांति प्रभारी), लता जैन, सुरभी बंसल, सुमन जैन, अनु अग्रवाल, शालिनी गर्ग, सुधा अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, शशि कंसल, रंजना अग्रवाल, मंजू मित्तल, रेनु अग्रवाल आदि सदस्याओं की उपस्थिति ने आयोजन में गरिमा जोड़ी।
चैप्टर सचिव जगदीश प्रसाद बंसल ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अपील की कि अपने अथवा परिजनों के जन्मदिन या मांगलिक अवसरों पर 30,000 रुपये की सहयोग राशि देकर एक विद्यालय एक वर्ष के लिए गोद लें और एकल अभियान का हिस्सा बनें। इस प्रेरक आह्वान पर अनेक समाजसेवियों एवं नागरिकों ने विद्यालय गोद लेने अथवा सहयोग देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर चैप्टर प्रकल्प प्रमुख रामेन्द्र सिंह एवं सभी पदाधिकारियों ने सहयोगी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।
बता दें कि वर्ष 1989 से आरम्भ एकल अभियान वनबन्धु परिषद् के तत्वावधान में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलम्बन एवं जनजागरण के क्षेत्रों में सतत सक्रिय है। आज परिषद् देशभर के वनवासी अंचलों में 85,000 से अधिक एकल विद्यालयों का संचालन कर रही है, जिनके माध्यम से लाखों बच्चों को शिक्षा प्रदान कर वनवासी समाज के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
इन विद्यालयों में प्राथमिक, स्वास्थ्य, जागरण, संस्कार एवं स्वावलम्बन शिक्षा के माध्यम से पिछले 35 वर्षों से सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना की लौ प्रज्ज्वलित हो रही है। कोलकाता मुख्यालय के बाद परिषद् का पहला चैप्टर आगरा में स्थापित हुआ, जो 1989 से निरंतर सेवा कार्यों में संलग्न है।