48 दिन की तपस्याः भक्ताम्बर दीपक विधान के समापन पर भक्ति में डूबा जिनालय!
आगरा। गुदड़ी मसूर खां स्थित श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन जिनालय में 48 दिनों तक निरंतर चली आ रही भक्तिमय साधना का मंगलवार को भव्य और भावपूर्ण समापन हुआ। 5 फरवरी से प्रारंभ हुआ श्री भक्ताम्बर दीपक विधान श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के अभूतपूर्व संगम के रूप में संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर वातावरण को दिव्यता से सराबोर कर दिया।
48 दिनों तक गूंजता रहा भक्ति का स्वर
पूरे विधान काल के दौरान प्रतिदिन लगभग 150 से 200 श्रद्धालु जिनालय में उपस्थित रहे, जिससे परिसर लगातार मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्ज्वलन और आराधना से जीवंत बना रहा। श्रद्धालुओं ने इसे वीर प्रभु की कृपा और चमत्कार का परिणाम बताते हुए कहा कि यह आयोजन उन्हें आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता रहा।
48 काव्यों में गूंजी भगवान आदिनाथ की महिमा
इस विशेष विधान में कुल 48 काव्यों का विधिवत पाठ किया गया, जिनमें भगवान आदिनाथ की महिमा, गुणों और आध्यात्मिक संदेशों का विस्तार से वर्णन हुआ। पूरे जिनालय में भक्ति, शांति और आस्था का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर श्रद्धालु को भावविभोर कर दिया।
समापन पर उमड़ा जनसैलाब, समाज के गणमान्य रहे मौजूद
समापन समारोह में समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पार्षद राकेश जैन, नरेश जैन, वीरेंद्र जैन, प्रमोद जैन, रविंद्र जैन, सुभाष जैन (मंदिर व्यवस्थापक), जितेंद्र जैन, सुनील जैन, संजीव जैन, अजीत जैन, रुपेश जैन, सुशील जैन, दिलीप जैन, संदीप जैन, राजेश जैन, निर्मल जैन, पवन जैन, बोदला आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जिनमें सुमन जैन, शशि जैन, अल्पना जैन, सुनीता जैन, सुशील जैन और कुसुम जैन प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
आस्था के साथ एकता और ऊर्जा का संदेश
इस 48 दिवसीय भक्ताम्बर दीपक विधान ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि समाज में एकता, समर्पण और आध्यात्मिक जागरूकता का भी सशक्त संदेश दिया। समापन के साथ ही श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा, शांति और भक्ति का संचार हुआ।