2500 रुपये तक के जूतों पर 5% जीएसटी प्रस्तावित, आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के प्रयास रंग लाए

आगरा। आगामी 2 से 4 सितम्बर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में जूता व्यापारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा हो सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि 2500 रुपये कीमत तक के जूतों पर जीएसटी की दर 12 या 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी जाएगी। इस संभावना से आगरा समेत देशभर के जूता व्यापारियों में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है।

Aug 26, 2025 - 17:45
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2500 रुपये तक के जूतों पर 5% जीएसटी प्रस्तावित, आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के प्रयास रंग लाए
जूते पर जीएसटी की प्रस्तावित दरों के बारे में जानकारी देते द आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा और अन्य पदाधिकारी। 

द आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने होटल मैट्रो में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि फैडरेशन का प्रतिनिधिमंडल 25 अगस्त को प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से लखनऊ में मिला। इस दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि 2500 रुपये तक के जूते 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आएंगे और इसकी घोषणा आगामी जीएसटी काउंसिल मीटिंग में संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार ने फैडरेशन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

विजय सामा ने बताया कि 2 सितम्बर 2024 को फैडरेशन के नेतृत्व में महासभा आयोजित हुई थी, जिसमें 26 प्रांतों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की और जूतों पर जीएसटी कम करने की मांग उठाई थी। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज यह मांग सरकार के स्तर पर स्वीकार हुई है।

उन्होंने कहा कि जब जूतों पर जीएसटी की दर 5 से 12 प्रतिशत की गई थी तो केवल आगरा में ही 1085 कारोबारियों ने अपना जीएसटी पंजीकरण रद्द करा दिया था, जिससे उनके परिवार जूता व्यवसाय से पलायन करने को मजबूर हुए। दरअसल आगरा का प्रमुख उद्योग जूता कारोबार है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से साढ़े तीन लाख से अधिक परिवार जुड़े हैं, जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग से आते हैं।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई के तहत माइक्रो इंटरप्राइजेज (5 करोड़ टर्नओवर तक) लगातार घटते कारोबार और जीएसटी बोझ से प्रभावित हुए। लेकिन अब प्रस्तावित जीएसटी कटौती से व्यापारियों में नई ऊर्जा आई है और उद्योग में पुनः रौनक लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस अवसर पर दिलप्रीत सिंह, अजय महाजन, हितेश वरियानी, विनोद शीतलानी, रंजीत सामा, नरेन्द्र पुरसनानी, प्रमोद महाजन, कृपांशु खूबचंदानी, घनश्याम रोहिरा, गोवर्धन सुनेजा, हरीश वनजानी, नारायणदास बहरानी, वासुदेव मूलचंदानी, संजय अरोड़ा, चंद्रभान, मुरलीधर पंजवानी, किशन तलवानी आदि मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor