आगरा कैंट में 65 बूथों पर 6300 डुप्लीकेट वोटः विधायक डॉ. धर्मेश का बीएलओ पर सीधा हमला, जांच हो

आगरा। आगरा छावनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश ने वोटर लिस्ट में भारी फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा करते हुए चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल दाग दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल 65 बूथों की मतदाता सूची में ही 6,300 से अधिक वोट फर्जी या डुप्लिकेट रूप में दर्ज हैं, जो पूरे चुनावी सिस्टम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

Oct 29, 2025 - 16:41
Oct 29, 2025 - 18:08
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आगरा कैंट में 65 बूथों पर 6300 डुप्लीकेट वोटः विधायक डॉ. धर्मेश का बीएलओ पर सीधा हमला, जांच हो
आगरा कैंट विधान सभा क्षेत्र के एक बूथ में 6300 डुप्लीकेट वोट होने की वोटर लिस्ट दिखाकर जानकारी देते क्षेत्रीय विधायक डॊ. जीएस धर्मेश।

6,300 फर्जी वोट का खुलासा, चुनावी सिस्टम पर उठा भरोसे का सवाल

डॉ. धर्मेश ने बताया कि 65 बूथों की मतदाता सूची में कुल 45,521 नाम दर्ज हैं, जिनमें से 6,349 नाम संदिग्ध या दोहरे पाए गए। यदि इन्हें हटाया जाए तो वास्तविक मतदाताओं की संख्या 39,172 रह जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बूथ का हाल है, जबकि यदि पूरे विधानसभा क्षेत्र की जांच की जाए तो आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।

शादीशुदा महिलाओं और डुप्लिकेट वोटर्स की गड़बड़ी

विधायक ने बताया कि सूची में लगभग 5,400 महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वे अब अपने ससुराल में रहती हैं, फिर भी उनके नाम मायके के पते पर दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त 949 नाम ऐसे हैं जो दो बार दर्ज किए गए हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही, बीएलओ की उदासीनता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए खतरा बताया।

बीएलओ पर सीधा हमला: निकम्मे और गैरजिम्मेदार बन गए हैं

विधायक डॉ. धर्मेश ने इस गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर बीएलओ को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन नहीं करते, फॉर्म नंबर 7 जमा होने पर बहाने बनाते हैं और कई बार यह कहते हैं कि 4–5 से अधिक वोट नहीं काटे जा सकते। जबकि ऐसा कोई नियम आयोग ने जारी नहीं किया है।

उन्होंने तीखे लहजे में कहा, कई बीएलओ निकम्मे और गैरजिम्मेदार बन चुके हैं। उनकी वजह से मतदाता सूची की साख पर सवाल उठ रहे हैं। जब तक इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, चुनावी प्रक्रिया का मज़ाक बनता रहेगा।

एफआईआर और उच्चस्तरीय जांच की मांग

विधायक ने जिला प्रशासन, निर्वाचन आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी बीएलओ के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की गड़बड़ियों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो लोकतंत्र की नींव कमजोर हो जाएगी।

प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती: कब होगी निष्पक्ष जांच?

यह मामला अब आगरा प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा बन गया है। जहां एक ओर विधायक ने तथ्य और आंकड़े सार्वजनिक कर दिए हैं, वहीं अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि जिला प्रशासन किस स्तर की पारदर्शी जांच कराता है। चुनाव आयोग की साख और निष्पक्षता इसी कार्रवाई पर टिकी मानी जा रही है।

SP_Singh AURGURU Editor