बरेली में 6वां कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम कल से, 132 युवा छह दिन रहेंगे राष्ट्रीय एकता के साक्षी

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और युवाओं में राष्ट्रबोध को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत भारत सरकार के ‘मेरा युवा भारत’ अभियान के अंतर्गत ‘वतन को जानो’ शीर्षक से छठा कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम शुक्रवार से रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में आरंभ हो रहा है। यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

Feb 5, 2026 - 21:42
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बरेली में 6वां कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम कल से, 132 युवा छह दिन रहेंगे राष्ट्रीय एकता के साक्षी

इस छह दिवसीय कार्यक्रम में कश्मीर घाटी के छह जिलों- अनंतनाग, पुलवामा, कुपवाड़ा, बारामुला, बडगाम और श्रीनगर से 132 युवा प्रतिभागी बरेली पहुंचेंगे। 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के ये युवा छह दिनों तक बरेली की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जीवन और राष्ट्रीय मूल्यों से सीधे जुड़ेंगे।

माय भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की उप निदेशक पुष्पा सिंह ने बताया कि कश्मीरी युवाओं का दल शुक्रवार 6 फरवरी को बरेली पहुंच जाएगा। इसके बाद कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
हर दिन की शुरुआत योग, स्वच्छता अभियान और श्रमदान से होगी, जबकि शाम के सत्र सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संवाद को समर्पित रहेंगे।

7 फरवरी को हस्तशिल्प, ई-कॉमर्स और ‘विकसित भारत @2047’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में डॉ. बीनू सिंह, डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. छवि शर्मा प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देंगे।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 9 फरवरी को रहेगा, जब शहरवासियों के लिए कश्मीर घाटी के उत्पादों की प्रदर्शनी और कश्मीरी व्यंजनों का फूड फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन बरेलीवासियों को कश्मीर की संस्कृति से सीधे जोड़ने का अवसर देगा।

8 और 10 फरवरी को कश्मीरी दल जिले के प्रमुख शैक्षणिक एवं औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण करेगा। प्रतिभागी रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर का दौरा करेंगे और विभिन्न खेल गतिविधियों में भी भाग लेंगे।

श्रीमती पुष्पा सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कश्मीर घाटी के युवाओं के मन से भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करना, उन्हें राष्ट्रीय एकता, अखंडता, संविधान और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना है।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सामाजिक-सांस्कृतिक, धार्मिक-राजनैतिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों की तुलना और समझ का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपने परिवेश को बेहतर ढंग से समझ सकें।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विशेष सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में नवनीत कुमार शुक्ला और डॉ. सौरभ कुमार अग्रवाल जैसे वक्ता स्टार्टअप इंडिया, ई-कॉमर्स और करियर मार्गदर्शन पर उपयोगी जानकारियां साझा करेंगे।

कार्यक्रम का 11 फरवरी को समापन होगा, जहां प्रतिभागी अपने अनुभव साझा करेंगे। इस पूरे आयोजन के लिए साउथ सिटी स्थित कार्यालय को मुख्य केंद्र बनाया गया है।
बरेली के कमिश्नर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कश्मीरी युवाओं को देश की औद्योगिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रगति का वास्तविक अनुभव प्राप्त हो।

SP_Singh AURGURU Editor