75वां गुरुजन सम्मान समारोह: संगीत, साधना और सम्मान का संगम, विविध क्षेत्रों की विभूतियां सम्मानित  

आगरा। ग्रैंड होटल के मुख्य सभागार में पं. रघुनाथ तलेगांवकर फाउंडेशन ट्रस्ट एवं संगीत कला केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं 75वें गुरुजन सम्मान समारोह का भव्य आयोजन हुआ। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण से हुआ। कार्यक्रम की गरिमा में वृद्धि की पद्मश्री डॉ. आर.एस. पारीक व अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने। इस मौके पर कई विभूतियों को सम्मानित किया गया।

Jul 20, 2025 - 19:14
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75वां गुरुजन सम्मान समारोह: संगीत, साधना और सम्मान का संगम, विविध क्षेत्रों की विभूतियां सम्मानित   
होटल ग्रैंड में हुए 75वें गुरुजन सम्मान समारोह की कुछ तस्वीरें।

शुभारंभ संग सरस्वती वंदना

कार्यक्रम की शुरुआत नन्हीं गायिका निहि सिंह द्वारा ‘जय जय माता शारदे’ से हुई, तत्पश्चात निहि एवं राघव गर्ग ने ‘गुरु तेरी महिमा अपरम्पार’ प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

शास्त्रीय रचनाओं ने बांधा समां

किशन कुमार ने राग अल्हैया बिलावल में ‘लाज रखो तुम कृष्ण मुरारी’ एवं तराना प्रस्तुत कर संगीत साधना की गहराइयों में ले जाया।
दर्शित राज सोनी एवं सुमित कुमार ने ‘गुरु बिन ज्ञान कहाँ से पाऊँ’ शास्त्रीय शैली में प्रस्तुत कर गुरु की महिमा को स्वर दिए।

मल्हार रागों से महका सावन

मौसम के अनुरूप राग गौड़ मल्हार और मियाँ मल्हार की सजीव प्रस्तुति आर्ची, आरुषि राय, कल्पना ठाकुर, अभिलाषा शुक्ला, ईशा सेठ द्वारा दी गई।
इसके बाद रिमझिम रिमझिम बादल बरसे और बैरी बदरा तू काहे बरसे जैसी सुगम और लोक रचनाएं महक जादौन, आर्या भाटी, खुशी झा, दृष्टि उपाध्याय, शुभि अग्रवाल ने ऊर्जापूर्ण अंदाज़ में प्रस्तुत कीं। तबला पर मनीष प्रभाकर एवं संवादिनी पर पं. रविन्द्र तलेगांवकर की संगति ने हर प्रस्तुति में उर्जा का संचार किया।

छात्र सम्मान और प्रमाणपत्र वितरण

प्रस्तुतियों के बाद छात्रों को प्रमाणपत्र एवं मेडल संस्था सदस्य श्रीमती वत्सल प्रभाकर एवं डॉ. आभा चतुर्वेदी द्वारा वितरित किए गए।

सितार वादन से बंधी शास्त्रीय गरिमा

हर्षित कुमार (लखनऊ घराना, नैनीताल) ने राग मियाँ की तोड़ी में सितार वादन कर परंपरागत शैली में विलंबित गत तीनताल में प्रस्तुति दी। तबला पर डॉ. भानु प्रताप सिंह ने संगति दी।

कथक नृत्य से हुआ समापन

सुश्री उर्वशी शर्मा ने लखनऊ और जयपुर घराने की रचनाओं सहित राधा रानी पर आधारित भाव नृत्य प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
आपकी माँ व गुरु श्रीमती रुचि शर्मा ने पढ़न्त में, श्री सुभाष सक्सेना ने गायन व संवादिनी में, तथा श्री मोहित कुमार ने तबले पर सुंदर संगत की।

विभूतियों को मिला गुरुजन सम्मान

समारोह में जिन विभूतियों का सम्मान किया गया, वे हैं- डॉ. बीना शर्मा – साहित्य शिल्पी, डॉ. गिरधर शर्मा – शिक्षा शिल्पी, डॉ. बचन सिंह सिकरवार – जनसंचार शिल्पी, अमृत कुमार – संगीत शिल्पी, कृष्ण जी – वाणी विलास, पं. संजय देवले – आदर्श गुरु, अनिल शर्मा – समाज शिल्पी और डॉ. नीलू शर्मा – नृत्य शिल्पी। इन सभी को संस्था संरक्षक डॉ. राधेश्याम पारीक व अन्य सदस्यों द्वारा उपवस्त्र, सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

विद्वानों का हुआ माल्यार्पण

अनेक गुणीजनों जैसे पं. देबाशीष चक्रवर्ती, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, डॉ. वंदना अग्रवाल, उस्ताद सलीम ख़ान, डॉ. सुषमा सिंह, मीनू गिरी आदि का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीकृष्ण ने गुरु-शिष्य परंपरा और संस्था के इतिहास की सुंदर व्याख्या के साथ किया। संस्था अध्यक्ष विजयपाल सिंह चौहान ने सभी कलाकारों, विद्यार्थियों, श्रोताओं और सहयोगियों का आभार जताया।

SP_Singh AURGURU Editor