आगरा में 8 साल की मासूम की गला काटकर की गई थी हत्या, पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि, आटे के ड्रम में मिला था शव
आगरा में जूता कारोबारी की 8 साल की बेटी की गला काटकर हत्या कर दी गई। बच्ची 24 फरवरी की शाम घर के बाहर खेलते समय लापता हुई थी। 25 फरवरी की देर रात उसका शव किरायेदार सुनील के कमरे से आटे के ड्रम में बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में गला काटकर हत्या की पुष्टि हुई है और शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस ने स्लाइड जांच के लिए सुरक्षित रखी है। आरोपी सुनील, जो खुलासे से पहले तक परिवार के साथ बच्ची को खोजने का नाटक करता रहा, अब फरार है। उस पर किराया और बिजली बिल बकाया को लेकर विवाद का भी आरोप है। पुलिस हत्या के पीछे गलत नीयत और विवाद—दोनों एंगल से जांच कर रही है। आरोपी की तलाश में 10 टीमें लगी हैं और उसके परिजनों से पूछताछ जारी है।
बच्ची के शरीर पर चोटों के कई निशान, किरायेदार के कमरे से बरामद हुआ था शव, आरोपी की तलाश में पुलिस की 10 टीमें सक्रिय
आगरा। आगरा में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जूता कारोबारी की 8 साल की मासूम बेटी, जो कुछ घंटे पहले तक घर के बाहर खेल रही थी, अचानक लापता हो गई। परिवार उसे ढूंढता रहा, मोहल्ला बेचैन रहा, रात भर उम्मीदें जिंदा रहीं, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह बच्ची जिंदा नहीं, बल्कि एक किरायेदार के कमरे में आटे के ड्रम के अंदर मृत मिलेगी।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने न सिर्फ एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि पूरे इलाके को गुस्से, डर और दर्द से भर दिया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस शख्स पर अब हत्या का शक गहराया है सुनील, वही बच्ची के परिवार के साथ उसे खोजने के लिए भागदौड़ करता रहा। खुलासे से पहले तक वह खुद को मददगार दिखाता रहा, लेकिन जैसे ही मामला खुला, वह फरार हो गया।
घर के बाहर खेल रही थी मासूम, फिर अचानक गायब हो गई
बताया जा रहा है कि बच्ची 24 फरवरी की शाम करीब 4 बजे घर के बाहर खेल रही थी। परिवार के लिए यह एक सामान्य शाम थी, बच्चों की खिलखिलाहट, गली का रोजमर्रा का माहौल और घर के सामने खेलती एक मासूम। लेकिन कुछ ही देर में वह बच्ची अचानक लापता हो गई।
पहले परिवार ने सोचा कि शायद पड़ोस में गई होगी, किसी सहेली के घर चली गई होगी या आसपास कहीं खेल रही होगी। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिजनों की बेचैनी घबराहट में बदलने लगी। रात होते-होते पूरा परिवार, रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग बच्ची को खोजने में जुट गए। उसी दौरान एक चेहरा ऐसा भी था, जो हर जगह परिवार के साथ दिख रहा था, किरायेदार सुनील।
जिसने साथ दिया दिखाया, उसी पर गहराया शक
पुलिस जांच में जो तस्वीर सामने आई, उसने हर किसी को सन्न कर दिया। जिस व्यक्ति ने बच्ची के परिजनों के साथ उसे ढूंढने का नाटक किया, वही अब इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य संदिग्ध बनकर उभरा है। सूत्रों के मुताबिक, 25 फरवरी की देर रात बच्ची का शव किरायेदार के कमरे से आटे के ड्रम में छिपाकर रखा हुआ मिला। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। परिवार जो अब तक उम्मीद कर रहा था कि बच्ची कहीं से जिंदा मिल जाएगी, उसके सामने जब यह भयावह सच आया, तो जैसे सब कुछ थम गया।
पोस्टमार्टम में गला काटकर हत्या की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस हत्याकांड को और भी भयावह बना दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, मासूम की गला काटकर हत्या की गई। इतना ही नहीं, उसके शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिले हैं, जो यह संकेत देते हैं कि बच्ची ने शायद आखिरी वक्त तक संघर्ष किया होगा। पुलिस ने स्लाइड सुरक्षित रखी है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे यह साफ है कि पुलिस हत्या के पीछे की असली वजह तक पहुंचने के लिए हर वैज्ञानिक और फोरेंसिक पहलू को खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के पीछे गलत नीयत, व्यक्तिगत रंजिश, या किराए के विवाद में से कौन सा कारण ज्यादा मजबूत है।
कमरे की सफाई कर मिटाए सबूत
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने वारदात के बाद खुद को बचाने के लिए बेहद चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश की। जानकारी के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने कमरे की सफाई की, ताकि खून और संघर्ष के निशान खत्म किए जा सकें। इतना ही नहीं, उसने बिस्तर और कपड़े तक धो डाले, ताकि सब कुछ सामान्य लगे और किसी को शक न हो। यानी वारदात के बाद उसने न सिर्फ मासूम की लाश छिपाई, बल्कि पूरे घटनास्थल को सामान्य दिखाने की कोशिश भी की। यह बर्बरता ही नहीं, बल्कि एक सोची-समझी क्रूरता का संकेत है।
दो दिन पहले किराए को लेकर हुआ था विवाद
मामले में एक और अहम कड़ी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले बच्ची के पिता और आरोपी सुनील के बीच किराए को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी पर किराया न देने और बिजली बिल बकाया होने का आरोप था। अब पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या यह हत्या किसी बदले की भावना में की गई, या फिर मामला किसी और अधिक घिनौने मकसद से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि हत्या की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है और सभी संभावित एंगल पर जांच जारी है।
जूता कारीगर, नशे का आदी बताया जा रहा आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सुनील जूता कारीगर है और उसे नशे का आदी बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी आधिकारिक रूप से हत्या के पीछे नशे, गलत नीयत या विवाद में से किसी एक वजह की पुष्टि नहीं कर रही, लेकिन जांच की दिशा इन सभी बिंदुओं पर केंद्रित है। वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया है।
सुबह यमुना किनारे हुआ अंतिम संस्कार
जिस बच्ची के लिए घर में हंसी गूंजती थी, उसी मासूम को अगले ही दिन यमुना किनारे अंतिम विदाई दी गई। आज सुबह जब उसका अंतिम संस्कार कराया गया, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोग सदमे में थे। मोहल्ले के लोग भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि कल तक खेलती-कूदती बच्ची आज चिता पर लेटी है। एक पिता की गोद सूनी हो गई। एक मां की दुनिया उजड़ गई और एक शहर के माथे पर एक और सवाल लिख गया, क्या हमारी बेटियां अब अपने ही घरों के आसपास भी सुरक्षित नहीं हैं?
10 टीमें लगीं, आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने आरोपी की तलाश में पूरी ताकत झोंक दी है। बताया गया है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें लगाई गई हैं। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही आरोपी के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके छिपने के स्थान और मूवमेंट के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस आयुक्त ने कहा है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
यह सिर्फ हत्या नहीं, भरोसे की भी हत्या है
इस पूरी वारदात का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि आरोपी कोई दूर का अजनबी नहीं था।
वह घर-आंगन के आसपास मौजूद एक ऐसा शख्स था, जिस पर शक कम और भरोसा ज्यादा किया गया। यही वजह है कि यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे की भी हत्या बनकर सामने आई है।