पहला सायरन बजते ही अंधेरे में डूब गया पूरा शहर, लोगों ने स्वतः किया ब्लैक आउट

आगरा। ऑपरेशन अभ्यास के अंतर्गत एयर रैड वार्निंग सिस्टम की एक्सरसाइज के तहत रात्रि के ठीक आठ बजते ही इलेक्ट्रानिक सायरन की तेज और धीमी होती आवाज गूंजने के साथ देखते ही देखते सड़क से लेकर घरों तक में अंधेरा छा गया।

May 7, 2025 - 20:29
May 7, 2025 - 20:31
 0
पहला सायरन बजते ही अंधेरे में डूब गया पूरा शहर, लोगों ने स्वतः किया ब्लैक आउट

पूरे शहर में कहीं भी उजाले की किरण नहीं दिखाई दे रही थी। बाजारों में भी ब्लैक आउट था। यह कसरत भारत-पाकिस्तान के मध्य युद्ध की संभावना को देखते हुए की गई है।

इस मॉक ड्रिल के ज़रिए लोगों को यह जागरूक करना था यदि युद्ध के दौरान आगरा में हवाई हमला होता है तो सायरन की इस तरह की आवाज सुनकर वे अपने-अपने घरों की लाइट को तत्काल बंद कर दें। हालांकि शहर में लगाए गए सायरनों से पूरे शहर में आवाज नहीं सुनाई दी पर लोगों ने ठीक आठ बजते ही स्वतः लाइट्स बंद कर ली थी।

सीओडी, आगरा कैंट, जयपुर हाउस स्थित एडीए ऑफिस और जालमा संस्थान से इलेक्ट्रिक सायरन बजते ही लोगों ने अपने घरों और संस्थानों की लाइट्स बंद करना शुरू कर दी थी। रिहर्सल के दौरान सिविल डिफेंस और पुलिस कर्मी सक्रिय रहे। जो लोग सड़क पर वाहनों की लाइट जलाए हुए थे, उनकी लाइट्स बंद करा रहे थे। साथ अन्य स्थानों पर घूमकर स्थिति पर नजर रखें हुए थे।

दो से 03 मिनट रैड सिग्नल बजने तक सभी लोगों ने स्वेच्छा से सहयोग करते हुए अपने आसपास, घरों, प्रतिष्ठानों, संस्थानों के विभिन्न प्रकाशकीय स्रोत जैसे विद्युत, सोलर लाइट, इनवर्टर, वाहनों की लाइट आदि तथा अन्य प्रकाश के उपकरण बंद कर लिए। 

ठीक 8.15 बजे दूसरा सायरन, एक जैसी लंबी आवाज के साथ बजाया गया। जो इस बात का संकेत था कि अब खतरा नहीं है। पूर्व की भांति सामान्य स्थिति बहाल हो गई है। सभी आमजन अपनी लाइट व प्रकाशकीय उपकरण पूर्ववत कर लें। दूसरा सायरन बजते ही लोगों ने अपने घरों की लाइट्स ऑन कर लीं। इसके बाद सिविल डिफेंस, पुलिस, प्रशासन सहित अन्य विभाग राहत बचाव हेतु सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि अभी और सायरन लगवाए जाएँगे। ग्रामीण क्षेत्र में यू ट्यूब से सायरन की आवाज लोड कर माइक से बजवाई गई। साथ ही स्मार्ट सिटी के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी उपयोग किया गया है।