स्कूल में खेलते वक्त बच्ची का अंगूठा कट गया, लटके अंगूठे के साथ स्कूल वालों ने घर भेज दिया, इस खबर को पढ़कर आप गुस्से से आग बबूला हो जाएंगे!

गिरधारी लाल गोयल खंदौली। आगरा के एक स्कूल में रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। रस्साकसी खेलते वक्त एक बच्ची का अंगूठा कट गया। स्कूल वालों ने उपचार के लिए अस्पताल ले जाने और परिवार वालों को फोन करने की जगह वैन में बिठाया और घर भेज दिया। बच्ची को लटके अंगूठे के साथ रोता बिलखता घर आता देख घरवालों के भी होश उड़ गए। परिजन इसे स्कूल प्रबंधन की क्रूरताभरी लापरवाही बता रहे हैं। वहीं जिसने भी बच्ची की हालत देखी वह गुस्से से आग बबूला है।

Nov 12, 2024 - 20:54
Nov 12, 2024 - 20:57
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स्कूल में खेलते वक्त बच्ची का अंगूठा कट गया, लटके अंगूठे के साथ स्कूल वालों ने घर भेज दिया, इस खबर को पढ़कर आप गुस्से से आग बबूला हो जाएंगे!

खंदौली के के सीबी इंटरनेशनल स्कूल में अंतिम पीरियड में बच्चे खेल के मैदान में थे। रस्साकसी के लिए एक तरफ छात्र तो दूसरी तरफ छात्राएं थीं।  कक्षा तीन की छात्रा वंशिका, जो कि अपनी कक्षा की मॉनिटर भी है, वो भी लड़कियों की टीम में थी। रस्साकसी के इसी खेल के दौरान ये दर्दनाक हादसा हो गया।

स्कूल वालों ने उक्त छात्रा को किसी डॉक्टर के पास ले जाने की जगह वैन में बिठाकर घर भेज दिया। घर वालों के तो होश ही उड़ गए। वे इलाज के लिए कॉस्मेटिक सर्जन मालती गुप्ता के यहां पहुंचे, जहां दस घण्टे तक चली कोशिशों के बावजूद कटा अंगूठा जोड़ने में सफलता नहीं मिली।

फिलहाल उक्त अंगूठे पर मांस विकसित करने के लिए बच्ची के पेट में रख दिया गया है। अब तीन सप्ताह बाद उसके ऑपरेशन की सम्भावनायें देखी जाएंगी।

बच्ची के चाचा अनीश उपाध्याय का कहना है कि रस्सा कुछ सेकिंड और नहीं छूटता तो बच्ची का पूरा हाथ ही उखड़ जाना था।

उधर इस घटना के बाद घरों पर लौटे बच्चे बुरी तरह घबराए हुए थे। अंगूठे के दृश्य को याद कर कर वे रो रहे थे। तब अभिभावकों को ऐसा अंदाज नहीं था कि दुर्घटना इतनी गम्भीर है। 

अभिभावकों में उस बात को लेकर क्षोभ है कि स्कूल स्वामित्व व प्रबन्धन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बड़े अधिकारी के हाथ में होते हुए भी घटना में मानवीय संवेदनाओं का तनिक भी ध्यान नहीं रखा गया। ठीक होता कि स्कूल वाले बच्ची के अभिभावकों को खबर करते हुए बच्ची को हॉस्पिटल ले जाकर चिकित्सा शुरू करा देते। चिकित्सा में देरी भी अंगूठा न जुड़ने का कारण बनी।

SP_Singh AURGURU Editor