आगरा में हुए ‘आरम्भ 2.0’ में अमोघ लीला प्रभु ने किया आगाह- सोशल मीडिया का नशा ड्रग्स से भी खतरनाक, AI कर रहा स्किल खत्म

आगरा। तकनीक के अंधाधुंध इस्तेमाल ने युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया का नशा अब ड्रग्स से भी ज्यादा घातक बनता जा रहा है और एआई पर बढ़ती निर्भरता युवाओं की स्किल्स को खत्म कर रही है। यही सख्त संदेश इस्कॉन द्वारा सूरसदन में आयोजित “एआई, सोल एंड फ्यूचर ऑफ ह्यूमन्स” विषय पर यूथ फेस्ट ‘आरम्भ 2.0’ में दिया गया, जिसमें दो हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया।

Apr 11, 2026 - 21:46
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आगरा में हुए ‘आरम्भ 2.0’ में अमोघ लीला प्रभु ने किया आगाह- सोशल मीडिया का नशा ड्रग्स से भी खतरनाक, AI कर रहा स्किल खत्म
सूरसदन में शनिवार को आयोजित यूथ फेस्ट ‘आरम्भ 2.0 की कुछ तस्वीरें।  

कार्यक्रम में आईआईएम फैकल्टी व इस्कॉन के उपदेशक अमोघ लीला प्रभु ने युवाओं को बेहद सहज और रोचक अंदाज में सोशल मीडिया और एआई के सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने युवाओं को आभासी दुनिया में कैद कर दिया है, जहां रिश्ते केवल दिखावे तक सीमित रह गए हैं और वास्तविक भावनाएं खत्म हो रही हैं।

अमोघ लीला प्रभु ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज युवा 3-5 घंटे सोशल मीडिया और फिल्मों में बर्बाद कर रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादकता और स्किल्स पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हालात इतने खराब हैं कि बीटेक पास छात्र भी कोडिंग नहीं जानते और करीब 43 प्रतिशत युवा नौकरी के योग्य ही नहीं रह गए हैं। सोशल मीडिया न केवल बुद्धिमत्ता और सामाजिक कौशल को कमजोर कर रहा है, बल्कि छोटे बच्चों को भी मोबाइल का आदी बना रहा है।

उन्होंने समाधान सुझाते हुए कहा कि यदि जीवन में कुछ करना है तो पढ़ाई के समय मोबाइल को साइलेंट कर दूर रख देना चाहिए। एआई के कारण घटते रोजगार अवसरों पर उन्होंने कहा कि युवाओं को ह्यूमन इनवॉल्वमेंट वाले क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहिए और वर्चुअल दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन में सक्रिय होना चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा के समक्ष की गई। इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एआई के नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। संचालन अतिदि गौरांगी ने किया।

भक्ति में डूबा सूरसदन, संकीर्तन पर झूमे युवा
कार्यक्रम के दौरान “हरे राम हरे कृष्णा” और “श्रीराधा रमण हरि बोल” के संकीर्तन पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मृदंग और मंजीरों की धुन पर युवा झूमते नजर आए। कई छात्र खड़े होकर नृत्य करते दिखे, तो कुछ हाथ उठाकर भक्ति में लीन हो गए। युवाओं के उत्साह और श्रद्धा ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

खचाखच भरा प्रेक्षागृह, सीढ़ियों पर बैठकर सुने प्रवचन
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से सूरसदन प्रेक्षागृह खचाखच भर गया। जहां जगह मिली, वहीं बैठकर लोगों ने अमोघ लीला प्रभु के विचारों को सुना—कई लोग सीढ़ियों पर, कुछ जमीन पर और कुछ खड़े होकर ही प्रवचन में डूबे रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने सवाल भी पूछे। लविका वर्मा ने अपने हाथों से निर्मित जगन्नाथ जी की प्रतिमा भेंट की। सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

विशिष्ट उपस्थिति
इस अवसर पर अभिषेक अग्रवाल, प्रो. आशु रानी, संजीव मित्तल, सुशील अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, संजीव बंसल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, अदिति गौरांगी, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, डॉ. रंजना बंसल, सुशील गुप्ता, डॉ. गिरधर शर्मा, बीडी शुक्ला, डॉ. अंकुर गोयल, ओमप्रकाश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor