आचार्य विद्यासागर महाराज को ‘भारत रत्न’ मिले, सांसद नवीन जैन ने पीएम मोदी को भेजा पत्र

आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि राष्ट्र संत आचार्य विद्यासागर जी महाराज को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान प्रदान किया जाए।

Nov 19, 2025 - 17:45
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आचार्य विद्यासागर महाराज को ‘भारत रत्न’ मिले, सांसद नवीन जैन ने पीएम मोदी को भेजा पत्र

श्री जैन ने अपने पत्र में आचार्यश्री के कठोर तप, संयम, त्याग, सत्य-अहिंसा के मार्ग, करोड़ों लोगों पर पड़े आत्मिक प्रभाव और शिक्षा–स्वास्थ्य–चरित्र निर्माण जैसी राष्ट्रीय सेवाओं का विस्तृत उल्लेख किया है।

पत्र में श्री जैन ने लिखा है कि आचार्यश्री ने 22 वर्ष की आयु में दीक्षा लेकर जीवन भर पैदल यात्राओं, अनुशासन और निस्संगता के साथ समाज का मार्गदर्शन किया। उनके लिखे 50 से अधिक ग्रंथ, प्रेरणा से स्थापित सैकड़ों संस्थान, और उनके जीवन पर पूरी हुई 100+ पीएचडी, यह सब उनके अद्वितीय योगदान का प्रमाण है।

अपने पत्र में सांसद जैन ने उल्लेख किया कि आचार्यश्री ने संस्कृत, प्राकृत, हिंदी, मराठी व कन्नड़ सहित विविध भाषाओं में 50 से अधिक ग्रंथों की रचना की। उनकी ‘मूकमाटी’ जैसी प्रसिद्ध कृति सहित अनेक अन्य रचनाएँ अध्यात्म और मानवीय मूल्यों की अनमोल धरोहर हैं।

वे शिक्षा, स्वास्थ्य, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा चरित्र निर्माण जैसे क्षेत्रों में समाज का निरंतर मार्गदर्शन करते रहे। उनकी प्रेरणा से देशभर में सैकड़ों विद्यालय, महाविद्यालय, छात्रावास, चिकित्सालय एवं अन्य सेवा संस्थान स्थापित हुए।

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सांसद जैन ने कहा कि आचार्यश्री ने 500 से अधिक मुनियों और 1000 से अधिक आर्यिकाओं को दीक्षा देकर आध्यात्मिक चेतना की परंपरा को नई ऊंचाई दी। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि प्रधानमंत्री स्वयं 2023 में आचार्यश्री से आशीर्वाद ले चुके हैं और उनके देह-त्याग पर राष्ट्र की अपूर्णनीय क्षति कहा था।

सांसद जैन ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज का तप और लोकसेवा भारत रत्न के सर्वोच्च सम्मान के योग्य हैं।

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SP_Singh AURGURU Editor