किसानों के कड़े विरोध के आगे झुका एडीए, अटलपुरम आवासीय योजना में 41 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण पर रोक

एडीए द्वारा अटलपुरम परियोजना के लिए 41 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का प्रयास किसानों के कड़े विरोध के बाद रुक गया। एडीए वीसी ने स्पष्ट किया कि 80% सहमति और ग्राम सभा की मंजूरी के बिना कोई अधिग्रहण नहीं होगा और अखबारों में छपी खबरों का खंडन भेजा जाएगा। डीएम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे खुद किसानों की बात सुनेंगे। किसान नेताओं ने एडीए पर झूठ और अन्याय के आरोप लगाए और आंदोलन की चेतावनी दी।

Nov 17, 2025 - 18:25
 0
किसानों के कड़े विरोध के आगे झुका एडीए, अटलपुरम आवासीय योजना में 41 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण पर रोक
जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों के साथ वार्ता करतीं एडीए वीसी और अन्य अधिकारी।

वीसी ने कहा-80% सहमति और ग्राम सभा की मंजूरी के बिना अधिग्रहण नहीं,

किसानों ने आरोप लगाया एडीए हमेशा करता है अन्याय

आगरा। अटलपुरम आवासीय योजना के विस्तारीकरण के लिए 41 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की तैयारी कर रहे आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) को किसानों के कड़े विरोध के सामने अपने कदम पीछे खींचने पड़े। मंगलवार को एडीए सभागार में किसानों और वीसी की आमने-सामने बैठक हुई, जिसमें किसानों ने अधिग्रहण को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की और कई गंभीर सवाल खड़े किए।

बैठक में एडीए की वीसी ने साफ कहा कि बिना 80% किसानों की सहमति,ग्राम सभा की सामान्य बैठक और आपसी सहमति के बिना कोई भी जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त 41 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की कोई योजना वर्तमान में नहीं है और न ही शासन को ऐसा कोई प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि यदि किसी भी बात से किसानों को समस्या है, तो एडीए किसानों की जमीन बिल्कुल नहीं लेगा। जो अख़बारों में खबरें छपी हैं, उनका हम आज ही खंडन जारी करेंगे।

डीएम ने कहा-बात नहीं बनी तो मैं खुद किसानों की सुनूंगा

इससे पहले किसान जिलाधिकारी अरविंद कुमार बंगारी ने मिलने पहुंचे। उन्होंने एडीएम के साथ किसानों को एडीए में वीसी से वार्ता करने को भेजा। डीएम ने किसानों से कहा कि यदि एडीए और किसान किसी निर्णय पर नहीं पहुंचते, तो मैं स्वयं किसानों की बात सुनूंगा।

किसानों ने उठाए सवाल

बैठक में उपस्थित किसानों ने एडीए पर कई गंभीर सवाल दागे। उन्होंने कहा कि गांव भाड़ई की जमीन बागबानी श्रेणी में आती है, इसे अधिग्रहित कैसे किया जा सकता है? क्या एडीए ने टीटीजेड,एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट से अधिग्रहण की अनुमति ली है? इस सवाल पर सभा में माहौल गर्म हो गया और किसानों ने अधिग्रहण को पूरी तरह गलत बताया।

एडीए ने किया वादा-खबरों का खंडन भेजेंगे

एडीए वीसी और सचिव ने किसानों से कहा कि आपकी आपत्ति सही है तो जमीन नहीं ली जाएगी। जो खबरें अख़बारों में प्रकाशित हुई हैं, उनका एडीए आज ही खंडन भेजकर निरस्त करेगा। उन्होंने कहा कि शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर भी स्पष्टीकरण भेजा जाएगा।

किसान नेता भड़के

बैठक के दौरान कई किसान नेताओं ने एडीए पर झूठे वादे करने और किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि एडीए हर बार झूठ बोलता है, हम इस बार उसकी बात नहीं मानेंगे। दिलीप सिंह बोले एडीए किसानों के साथ अन्याय करता है, अब आंदोलन की तैयारी होगी। जल्द आयुक्त आगरा को ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसान नेता सोमवीर यादव ने कहा कि किसानों पर अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एडीए हमेशा किसानों के हितों को अनदेखा करता है। बैठक में किसान नेता मुकेश पाठक, सोमवीर यादव, विनोद शुक्ला, रामू चौधरी, दिलीप सिंह, जयप्रकाश नारायण सिंह चाहर, रामवीर सिंह चाहर, सुरेंद्र कुमार सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।