पीलीभीत में भारत-नेपाल सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात, हर मूवमेंट पर पैनी नजर
-आरके सिंह- पीलीभीत। नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों और जेल तोड़कर बंदियों के भागने की घटनाओं ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। काठमांडू और तराई क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों द्वारा सार्वजनिक व सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के बाद पीलीभीत व लखीमपुर खीरी जिलों की सीमाओं पर सख्त चौकसी बढ़ा दी गई है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने सीमा को पूरी तरह सील कर दिया है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की वेरिफिकेशन के बाद ही एंट्री दी जा रही है। अफसरों का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।
नेपाल के काठमांडू और तराई क्षेत्रों में हिंसक प्रदर्शन के बीच महेंद्र नगर जेल से दो बंदियों के भागने की घटना सामने आई। इसके बाद एसएसबी ने दोनों को पकड़कर वेरिफिकेशन के बाद उनके घर भेजा। पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सीमा पूरी तरह शांत है और सभी गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। अतिरिक्त पीएसी बल भी सीमा से जुड़े संवेदनशील थानों में तैनात कर दिया गया है।
एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा कि नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए लखनऊ पुलिस मुख्यालय में विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां तीन हेल्पलाइन नंबर (0522-2390257, 0522-2724010, 9454401674) और एक WhatsApp नंबर (9454401674) जारी किए गए हैं, जो 24×7 काम करेंगे।
एसएसबी कमांडेंट शेर सिंह के अनुसार, नेपाल में हालात बिगड़ने पर उत्तराखंड के वनबसा और लखीमपुर के गौरी फांटा समेत सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। अब नेपाल से भारत आने वालों को वेरिफिकेशन के बाद ही एंट्री मिल रही है।
मंगलवार रात पूरनपुर क्षेत्राधिकारी प्रतीक दहिया के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने नदी किनारों और ग्रामीण इलाकों में गश्त तेज कर दी। सीमा पर तैनात जवानों को संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां भी एक्टिव कर दी गई हैं और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध सूचना को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं।
फिलहाल सीमा पूरी तरह शांत है लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि नेपाल में हालात सामान्य होने तक संयुक्त गश्त, सघन तलाशी और चौकसी लगातार जारी रहेगी।