न्याय न मिलने पर विषाक्त पदार्थ खाने वाले किसान के मामले पर प्रशासन हरकत में, डीएम ने बनाई जांच कमेटी, सीपी ने भी दिलाया भरोसा

आगरा। जमीनी विवाद और कथित उत्पीड़न से परेशान होकर विषाक्त पदार्थ सेवन करने वाले किसान के मामले ने आखिरकार प्रशासन को झकझोर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पीड़ित पक्ष को बुलाकर उसकी समस्या सुनी और निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए हैं। वहीं पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने भी पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया।

Apr 4, 2026 - 19:31
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न्याय न मिलने पर विषाक्त पदार्थ खाने वाले किसान के मामले पर प्रशासन हरकत में, डीएम ने बनाई जांच कमेटी, सीपी ने भी दिलाया भरोसा
किसान बृज मोहन शर्मा, जिन्होंने कल विषाक्त पदार्थ का सेवन करने के बाद अपनी पीड़ा एक वीडियो के माध्यम से व्यक्त की थी।

सोशल मीडिया वीडियो से खुला मामला

पिनाहट क्षेत्र के किसान ब्रजमोहन द्वारा दो पक्षों के बीच चल रहे जमीनी विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने विषाक्त पदार्थ सेवन और न्याय न मिलने की पीड़ा व्यक्त की थी। वीडियो के सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया।

डीएम ने तत्काल सुनी पीड़ित की फरियाद

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने किसान ब्रजमोहन को बुलाकर उसकी पूरी बात सुनी और मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विवादित भूमि की पैमाइश कराने और पूरे प्रकरण की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) जुबेर बेग को निर्देशित किया। एडीएम के नेतृत्व वाली जांच कमेटी इस मामले को देखेगी।

मौके पर जांच और पैमाइश के आदेश

डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लेखपाल के साथ मौके पर जाकर भूमि की पैमाइश की जाए और निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

पुलिस आयुक्त ने भी दिया भरोसा

इसी बीच पीड़ित जगमोहन शर्मा ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से भी मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने आश्वस्त किया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि मुकदमे झूठे पाए गए तो उन्हें समाप्त कराया जाएगा।

जहर खाने के बाद सामने आई थी दर्दभरी कहानी

बता दें कि बृज मोहन शर्मा ने बीते दिन अपने आवास पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो बनाकर अपनी व्यथा व्यक्त की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है और विरोध करने पर उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए गए।

सीएम पोर्टल तक लगाई थी गुहार

पीड़ित का कहना था कि उन्होंने सीएम पोर्टल समेत कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। हताश होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी तंज कसते हुए अपनी बेबसी जाहिर की थी।

अब जगी न्याय की उम्मीद

दोनों उच्च अधिकारियों से मुलाकात के बाद बुजुर्ग किसान को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन की सक्रियता से यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor