अधिवक्ता अरुण दीक्षित ने कुलपति समेत कई अधिकारियों पर मानहानि का परिवाद दायर किया, तलब
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव अजय मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश समेत कई अधिकारियों के खिलाफ अधिवक्ता डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने सीजेएम कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। कोर्ट ने परिवाद स्वीकार करते हुए सभी प्रतिवादियों को 1 अगस्त को तलब किया है।
अधिवक्ता का आरोप है कि उनके खिलाफ झूठे तथ्य प्रस्तुत कर कूटरचित दस्तावेज बनाए गए, साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया। याचिका में कहा गया है कि कार्य परिषद की बैठक के बाद जानबूझकर मीडिया को गुमराह कर बयान जारी किए गए, जिससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने यह भी कहा कि जिस जांच समिति का हवाला दिया गया वह सिर्फ तीन दिनों में बनी और रिपोर्ट भी आ गई, जो असंभव प्रतीत होता है। इसमें उन्हें पक्ष रखने का भी मौका नहीं मिला।
डॉ. दीक्षित ने दावा किया कि वह लंबे समय से वकालत के क्षेत्र में कार्यरत हैं और कई प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित हो चुके हैं। विश्वविद्यालय के पक्ष में भी उन्होंने करोड़ों रुपये के वाद जीते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिल पास कराने के एवज में उनसे कमीशन मांगा गया, जिसकी शिकायत उन्होंने राजभवन और प्रधानमंत्री से की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कई व्हाटसएप ग्रुपों पर भी उनके खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणियां की गईं।