बरेली जेल में अतीक के भाई अशरफ से शूटरों की अवैध मुलाकात कराने वाला 50 हजार का इनामी अफसार गिरफ्तार, उमेश पाल हत्याकांड की पूरी योजना का भी हिस्सा रहा था
प्रयागराज एसटीएफ ने उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में अहम कड़ी बने अफसार को दिल्ली से दबोचकर बरेली पुलिस के हवाले कर दिया है। अफसार अपनी आईडी से बरेली जेल में अतीक अहमद के भाई अशरफ से शूटरों की अवैध मुलाकातें कराया करता था।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में साजिश की एक और परत खुल गई है। प्रयागराज एसटीएफ ने दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके से 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश अफसार अहमद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अफसार अपनी आईडी से बरेली जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ उर्फ खालिद अजीम से शूटरों की अवैध मुलाकातें कराता था। वह उमेश पाल हत्याकांड की हत्या की पूरी योजना का हिस्सा भी था। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने उसे बिथरी चैनपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद अफसार को जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अफसार व् उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी। जेल में हुई अवैध मुलाकातों और पूरी प्लानिंग में उसकी संलिप्तता सीसीटीवी, सीडीआर और गवाहों के आधार पर सामने आई है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पुराना मुकदमा और लंबी फरारी
थाना बिथरी चैनपुर में 2023 में अफसार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिनमें 147, 384, 506, 201, 120बी, 195ए, 34, 119, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 13 और कारागार अधिनियम की धाराएं 42बी, 54 तथा सीएलए एक्ट की धारा 7 शामिल थीं। इन मामलों में वांछित चल रहे अफसार पर 50 हजार का इनाम घोषित था।
जेल में रची गई हत्या की साजिश
7 मार्च 2023 को बरेली जेल में अशरफ की वार्डनों और कर्मचारियों की मिलीभगत से तय समय और स्थान से हटकर अवैध मुलाकात कराई गई थी। इसी दौरान गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, असद, उस्मान, अरमान, सदाकत खान सहित 9 लोग अशरफ से मिले थे।
सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर से स्पष्ट हुआ कि इसी मुलाकात में उमेश पाल और दो सरकारी गनरों की हत्या का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि अशरफ ने मुलाकात के दौरान उमेश पाल को खत्म करने की हरी झंडी दी थी।
कुछ दिनों बाद ही 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े उमेश पाल और दो गनरों को गोली व बम मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने कई अभियानों में शामिल आरोपियों असद व गुलाम को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
वायरल वीडियो से खुला था राज
11 फरवरी को अशरफ से मुलाकात करने पहुंचे असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और उस्मान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद जांच तेज हुई और पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। इसी आधार पर बिथरी चैनपुर थाना पुलिस ने जेल वार्डन शिवहरी अवस्थी, कैंटीन संचालक दयाराम उर्फ नन्हे, सद्दाम, लल्ला गद्दी सहित कई कर्मचारियों और गुर्गों पर कार्रवाई की थी।
10 दिसंबर 2025 को दिल्ली में दबिश देकर अफसार अहमद को गिरफ्तार किया गया। उसे बरेली लाकर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि अफसार शूटरों को अशरफ तक पहुंचाने में सबसे अहम कड़ी था, जिसने हत्या की साजिश को जमीन दी।