दिल्ली बैठक के बाद यूपी मंत्रिमंडल विस्तार की सरगर्मियां तेज, मकर संक्रांति के बाद हो सकता है बड़ा फेरबदल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से हुई अहम मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बैठक के बाद लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और मंत्री पद की दावेदारी को लेकर नेताओं ने अपनी-अपनी जोड़-तोड़ शुरू कर दी है।

Jan 7, 2026 - 19:42
Jan 7, 2026 - 21:54
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दिल्ली बैठक के बाद यूपी मंत्रिमंडल विस्तार की सरगर्मियां तेज, मकर संक्रांति के बाद हो सकता है बड़ा फेरबदल
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से हुई अहम मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बैठक के बाद लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और मंत्री पद की दावेदारी को लेकर नेताओं ने अपनी-अपनी जोड़-तोड़ शुरू कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी की इस मुलाकात में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले संभावित चेहरों पर मंथन हो चुका है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाकर संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों को साधा जा सके।

लखनऊ में चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी। संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद किसी भी दिन मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है और इसमें कुछ नाम चौंकाने वाले भी हो सकते हैं।

संभावित मंत्री बनने वालों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी (जाट समाज), सपा से बगावत करने वाली पूजा पाल (पाल समाज), कृष्ण पासवान (पासवान समाज), रामरतन कुशवाहा (कुशवाहा समाज), मनोज पांडे (ब्राह्मण समाज), आशीष कुमार ‘आशु’ (कुर्मी समाज), पद्मसेन चौधरी (कुर्मी समाज), भाजपा के प्रदेश महासचिव गोविंद नारायण शुक्ल के नाम चर्चा में हैं। इनमें से मनोज पांडेय भी सपा विद्रोही हैं। सपा के इन नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चाएं ज्यादा हैं। 

हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन राजनीतिक संकेत साफ हैं कि योगी सरकार अपने मंत्रिमंडल को नई ऊर्जा और रणनीतिक मजबूती देने की तैयारी में है। अब सभी की निगाहें मकर संक्रांति के बाद होने वाले संभावित विस्तार पर टिकी हुई हैं।