आंदोलनरत किसानों ने सीएम को लिखा खून से पत्र
24 घंटे में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर दी आत्मदाह की चेतावनी
आगरा। विकास भवन पर धरनारत किसानों ने आज अपने खून से मुख्यमंत्री को ख़त लिखा। साथ ही इन पत्रों को सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान को सौंपा। किसानों ने ऐलान किया है यदि 24 घंटे में आरोपियों पर कार्यवाही नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से विकास भवन पर आत्मदाह करेंगे। अब आर-पार की लड़ाई होगी। किसानों का भ्रष्टाचार के विरोध में धरना प्रदर्शन छठवें दिन भी जारी रहा।
इधर तीनों किसानों श्याम सिंह चाहर, चित्रों और दाताराम तोमर की धरनास्थल पर चौथे दिन भी भूख हड़ताल जारी रही। रालोद की नेता अनीता चाहर ने किसानों से वायदा किया कि किसानों की समस्याओं को जिलाधिकारी से समाधान कराएंगे। दोषियों को सजा दिलाकर ही रहेंगे।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने चेतावनी देते हुए कहा यदि जिला प्रशासन किसानों बलि लेना चाहता तो किसान नेता अपनी बलि देने को तैयार हैं पर अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। किसान मजदूर नेता दिलीप सिंह ने कहा कि यूपी सरकार के मुखिया के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। घोटालेबाजों को तत्काल जेल भेजा जाए। किसान अब अन्याय सहन नहीं करेगा।
समाज सेवी अतुल सिरोही ने कहा कि यूपी सरकार को कथनी करनी में अंतर दिखाई दे रहा है। धरने पर सत्यवीर सिंह चाहर, रामू चौधरी, मुकेश सविता, देवी सिंह छौकर, लाखन सिंह, वीरेंद्र सिंह चाहर, प्रदीप फौजदार, नरेन्द्र फौजदार, पवन चाहर,नारायण सिंह, देशराज, देवेन्द्र सिंह, कुलदीप रावत, विनोद कुमार, सुरेन्द्र सिंह, सिंह राहुल चौधरी, सुमन देवी, रामेश्वर तोमर, कल्याण सिंह, नारायण सिंह आदि बैठे।