सीएम डेशबोर्ड में आगरा प्रशासन की बड़ी फजीहत, मंडल में सबसे पिछड़ा जिला बना, कमिश्नर ने लगाई क्लास
फरवरी माह के सीएम डैशबोर्ड में आगरा की 58वीं रैंक आने से मंडल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मैनपुरी 4वें स्थान पर रहा, जबकि फिरोजाबाद और मथुरा ने भी आगरा से बेहतर प्रदर्शन किया। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने समीक्षा बैठक में आगरा की खराब रैंकिंग पर कड़ी चिंता जताते हुए डीएम और विभागीय अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कई योजनाओं—जैसे छात्रवृत्ति, सीएम आवास, पर्यटन, पीएम पोषण, फैमिली आईडी, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, और ई-ऑफिस—में आगरा की प्रगति कमजोर पाई गई। साथ ही गौशालाओं, स्कूलों, स्वास्थ्य योजनाओं, सोलर योजना, किसान पंजीयन और संचारी रोग नियंत्रण अभियान को लेकर भी लक्ष्य आधारित सख्त निर्देश जारी किए गए।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में 58वीं रैंक पर फिसला आगरा, मैनपुरी चौथे नंबर पर चमका, मंडलायुक्त ने जताई कड़ी नाराजगी, डीएम को सुधार के सख्त निर्देश
गौरव प्रताप सिंह
आगरा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की फरवरी माह की रैंकिंग में एक बार फिर आगरा जिला मंडल में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला जिला साबित हुआ है। ताजमहल के नाम से देश-दुनिया में पहचान रखने वाला आगरा प्रशासनिक प्रदर्शन में बुरी तरह पिछड़ गया और 58वीं रैंक पर पहुंच गया। वहीं मथुरा 41वें, फिरोजाबाद 30वें और मैनपुरी 4वें स्थान पर रहा। आगरा की लगातार गिरती स्थिति को लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने गहरी चिंता जताई और जिलाधिकारी को रैंकिंग सुधारने के कड़े निर्देश दिए।
बुधवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में आईजीआरएस, सीएम डैशबोर्ड और मंडलीय विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सबसे पहले आईजीआरएस (समेकित शिकायत निवारण प्रणाली) में प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की समीक्षा की गई।
मंडलीय प्रभारी एवं अपर आयुक्त ने जानकारी दी कि फरवरी माह में मंडल की कुल रैंकिंग 9वीं रही। समीक्षा में यह भी सामने आया कि मंडल स्तर पर शिकायतकर्ताओं से संपर्क और संतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन जनपदवार स्थिति में आगरा को छोड़कर बाकी जिलों में गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद सीएम डैशबोर्ड की समग्र रैंकिंग में आगरा का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा।
इन विभागों पर सबसे ज्यादा नाराजगी
बैठक में अधिकारीवार असंतोषजनक फीडबैक की समीक्षा की गई, जिसमें कई अहम विभाग सवालों के घेरे में रहे। सबसे ज्यादा असंतोषजनक फीडबैक अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग, उप श्रमायुक्त, सहायक शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा, अपर आयुक्त ग्रेड-1, वाणिज्य कर विभाग का मिला। मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया जाए। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो। फीडबैक सुधारने के लिए विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।
सीएम डेशबोर्ड में आगरा सबसे फिसड्डी, मैनपुरी ने मारी बाजी
फरवरी माह की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग ने आगरा प्रशासन की कमजोर पकड़ उजागर कर दी। मंडल के चार जिलों में मैनपुरी ने 4वां स्थान, फिरोजाबाद ने 30वां स्थान, मथुरा ने 41वां स्थान और आगरा ने 58वां स्थान हासिल किया है। मंडलायुक्त ने आगरा की रैंकिंग पर गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं है और सभी विभाग तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं।
पर्यटन से पोषण तक पिछड़ा आगरा
समीक्षा में यह भी सामने आया कि आगरा कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं कर पा रहा है। जिन योजनाओं/विभागों में आगरा का प्रदर्शन कमजोर पाया गया, उनमें दशमोत्तर छात्रवृत्ति (अल्पसंख्यक कल्याण), सीएम आवास योजना (ग्राम्य विकास), फैमिली आईडी (नियोजन विभाग), पर्यटन विभाग, पीएम पोषण विद्यालय निरीक्षण
सीडीएस पोषण अभियान, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना, जननी सुरक्षा योजना में भुगतान प्रतिशत, ओडीएफ प्लस के अवशेष ग्राम, राज्य कर्मचारी कैशलैस हेल्थ कार्ड निर्माण, ई-ऑफिस निस्तारण शामिल हैं। मंडलायुक्त ने इन सभी विभागों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाकर तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए।
मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी भी बचे नहीं, कई योजनाओं में दिखी सुस्ती
हालांकि आगरा सबसे ज्यादा फिसड्डी रहा, लेकिन अन्य जिलों में भी कई योजनाओं में प्रगति धीमी पाई गई। मथुरा में दशमोत्तर छात्रवृत्ति, शादी अनुदान योजना में सबसे कम व्यय, ओडीओपी युवा उद्यमी विकास अभियान, ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना, फिरोजाबाद में डे-एनआरएलएम, सीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना, जननी सुरक्षा योजना भुगतान प्रतिशत और मैनपुरी में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, 15वां वित्त आयोग, सीडीएस पोषण अभियान, गौशाला, गोचर भूमि की प्रगति काफी धीमी मिली।
सीसीटीवी और पशु क्रय पर भी सख्त निर्देश
विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने पशुपालन और गौसंरक्षण से जुड़े मामलों पर भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने आगरा और मथुरा के निर्माणाधीन वृहद गौसंरक्षण केंद्र अप्रैल माह तक पूरे करने, फतेहाबाद स्थित कान्हा गौशाला का कार्य भी अप्रैल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मथुरा और फिरोजाबाद के अवशेष गोवंश आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। बकरी और भेड़ यूनिटों के लिए पशु क्रय की कार्रवाई जल्द पूरी की जाए
हर सेक्टर में दिया गया टारगेट
बैठक में पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और कृषि विभाग को भी लक्ष्य आधारित निर्देश दिए गए। पंचायती राज को कहा कि आगरा के शेष 7 ग्रामों को ओडीएफ प्लस बनाया जाए। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि मंडल के शेष 7 परिषदीय विद्यालयों में बाउंड्रीवाल निर्माण पूरा किया जाए। लगभग 1248 विद्यालयों को फर्नीचर से संतृप्त किया जाए। स्वास्थ्य विभाग
जननी सुरक्षा योजना में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा में भुगतान प्रतिशत बढ़ाए। आयुष्मान भारत के तहत राज्य कर्मचारियों के कैशलैस हेल्थ कार्ड बनाने में तेजी लाई जाए। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मंडल में सोलर संयंत्र स्थापना की गति बढ़ाई जाए। कृषि विभाग किसान पंजीयन के लक्ष्य को अभियान चलाकर पूरा करे। ग्राम्य विकास सीएम आवास ग्रामीण में स्वीकृत आवासों के सापेक्ष चारों जिलों में 100% प्रथम किश्त जारी की जाए।
अफसरों को फटकार
महिला कल्याण विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया।
उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई योजना के लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण, शादी अनुदान योजना में मथुरा में कम व्यय पर ज्यादा आवेदन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान में मथुरा सुधार करे।
ई-ऑफिस पर सख्ती
मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फाइलों का निस्तारण केवल ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाए। संबंधित विभागों को ऑनलाइन ही फॉरवर्डिंग की जाए। प्रतिदिन ई-ऑफिस लॉगिन अनिवार्य होगा। यह निर्देश प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से दिए गए। मंडलायुक्त ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के लिए माइक्रोप्लान बनाने के आदेश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख रूप से संयुक्त विकास आयुक्त उमेश मणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी आगरा अरविंद मलप्पा बंगारी, जिलाधिकारी मथुरा सीपी सिंह, जिलाधिकारी मैनपुरी अंजनी कुमार सिंह, जिलाधिकारी फिरोजाबाद रमेश रंजन, मुख्य विकास अधिकारी आगरा प्रतिभा सिंह
आदि अधिकारी मौजूद रहे।