आगराः अदालत में अधिवक्ता को हार्ट अटैक, तत्काल उपचार मिलने पर भी बचाया नहीं जा सका
आगरा। आगरा कोर्ट परिसर में सोमवार को जगदीशपुरा निवासी अधिवक्ता सुरेश बाबू बघेल की यकायक हुए ह्रदयाघात से मौत हो गई। अधिवक्ता को अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वे बेहोश हो गए। साथी अधिवक्ता और ड्यूटी पर तैनात यूपीएसएसएफ के जवान उन्हें तत्काल अस्पताल ले गये, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना से अधिवक्ताओं में शोक की लहर फैल गई।
सुरेश बाबू बघेल लंबे समय से अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। बताया गया कि वे सोमवार को केस की सुनवाई के सिलसिले में फैमिली कोर्ट आए थे। अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वह जमीन पर गिर पड़े। उनके गिरते ही कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई।
ड्यूटी पर तैनात यूपीएसएसएफ के जवान तत्काल उन्हें न्यायालय स्थित चिकित्सा केंद्र में ले गए। प्राथमिक उपचार देने के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिससे उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
दिवंगत अधिवक्ता सुरेश बाबू बघेल की आयु 65 वर्ष थी। वे खतैना, थाना जगदीशपुरा के मूल निवासी थे। वे पारिवारिक मामलों के विशेषज्ञ माने जाते थे। अचानक बेहोश होने पर उन्हें सीपीआर भी दी गई थी।
वरिष्ठ वकील की अचानक हुई इस मौत से कोर्ट परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। बहस और अन्य न्यायिक कार्यों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं और साथी वकीलों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और दिवंगत अधिवक्ता के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।