आगरा में हरिनाम संकीर्तन और शंखनाद के बीच 251 कलशों संग निकली दिव्य कलश यात्रा, शुरू हुई श्रीमद्भागवत महापुराण कथा

आगरा। भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कारों की दिव्य अनुभूति के साथ शुक्रवार को श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रातःकाल 251 कलशों के साथ निकली भव्य कलश यात्रा ने संपूर्ण वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। पीत वस्त्र धारण किए मातृशक्ति के कलशों से सजी यह यात्रा हरिनाम संकीर्तन, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आगे बढ़ी।

Dec 26, 2025 - 18:44
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आगरा में हरिनाम संकीर्तन और शंखनाद के बीच 251 कलशों संग निकली दिव्य कलश यात्रा, शुरू हुई  श्रीमद्भागवत महापुराण कथा
समाधि पार्क मंदिर सूर्य नगर में आरंभ हुई श्रीमद भागवत कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा में सम्मिलित श्रद्धालु।

हनुमान मंदिर खन्दारी से समाधि पार्क सूर्य नगर तक निकली कलश यात्रा
श्री कीर्ति किशोरी जी ने भागवत माहात्म्य का किया भावपूर्ण वर्णन

आगरा। भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कारों की दिव्य अनुभूति के साथ शुक्रवार को श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रातःकाल 251 कलशों के साथ निकली भव्य कलश यात्रा ने संपूर्ण वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। पीत वस्त्र धारण किए मातृशक्ति के कलशों से सजी यह यात्रा हरिनाम संकीर्तन, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आगे बढ़ी।

भव्य कलश यात्रा श्री हनुमान मंदिर, खन्दारी चौराहा से प्रारम्भ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई समाधि पार्क मंदिर, सूर्य नगर स्थित कथा स्थल तक निकाली गई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलशधारी महिलाओं का स्वागत किया। “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कलश यात्रा के पश्चात श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के प्रथम दिवस का आयोजन हुआ। शुभारंभ डॉ आरएस पारिख, चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद अध्यक्ष पूरन डावर, चरनजीत थापर, बब्बू साहनी, किशोर खन्ना ने दीप प्रज्वलित किया। 

कथा व्यास भागवत विदुषी श्री कीर्ति किशोरी जी (श्रीधाम वृन्दावन) ने मंगलाचरण के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण के माहात्म्य का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल ग्रंथ नहीं, अपितु कलियुग में जीव के उद्धार का अमृत है, जिसके श्रवण मात्र से जीवन में भक्ति, वैराग्य और सदाचार का उदय होता है।

श्री कीर्ति किशोरी जी ने बताया कि जहां श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण साक्षात विराजमान होते हैं। भागवत श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मानव जीवन प्रभु चरणों की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने कथा के माहात्म्य को विस्तार से समझाते हुए श्रद्धालुओं को सातों दिन कथा श्रवण का महत्व बताया।

मुख्य संरक्षक अजय कल्पना अग्रवाल (बीएन ग्रुप) ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में संस्कार, समरसता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकाधिक संख्या में श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित करने का आह्वान किया।

मुख्य यजमान संजय संगीता गुप्ता एवं रोहित जैन ने बताया कि यह पावन आयोजन 01 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक समाधि पार्क मंदिर, सूर्य नगर में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम संयोजक उमेश उर्मिल बंसल बालाजी ने जानकारी दी कि कथा के दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा। प्रथम दिवस की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और संपूर्ण वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा।

यह आयोजन श्री कृष्ण कीर्ति फाउण्डेशन, श्रीधाम वृन्दावन, भारत विकास परिषद् आगरा संस्कार मुख्य शाखा, भारत विकास परिषद् ब्रज प्रांत, भारत विकास परिषद् युगल संस्कार शाखा, राधे गोविन्द परिवार आगरा, ध्यान योग सेवा संस्थान, मंगलमय परिवार आगरा सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से सम्पन्न हो रहा है।

अंत में महाआरती के साथ प्रथम दिवस की कथा का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने प्रभु चरणों में नमन कर आगामी दिनों में भी कथा श्रवण कर धर्मलाभ अर्जित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राकेश रेखा अग्रवाल, निखिल वंदना गर्ग, प्रशांत रितु मित्तल, मनोज गुप्ता अनुराधा सीमेंट, अतुल रागिनी गुप्ता, विनोद सर्राफ, मनोज पॉली भाई, अमन आरुषि, सागर आयुषी, मुकेश संगीता, माधुरी अतुल चतुर्वेदी, सुनीता कमलनयन फतेहपुरिया, रोमा बंसल आदि उपस्थित रहे।