आगरा में सजी परंपरा और सृजन की महक, हस्तशिल्प प्रदर्शनी ने खींचा लोगों का ध्यान

आगरा। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) एवं हस्तशिल्प सेवा केंद्र, आगरा के सहयोग से आगरा जरी जरदोजी वर्क प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा बुधवार को क्वीन इंप्रेस मैरी लाइब्रेरी, सदर बाजार में दस दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।

Nov 5, 2025 - 19:58
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आगरा में सजी परंपरा और सृजन की महक, हस्तशिल्प प्रदर्शनी ने खींचा लोगों का ध्यान
क्वीन इंप्रेस मैरी लाइब्रेरी, सदर बाजार में दस दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी का शुभारंभ करते अतिथि ।

आगरा। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) एवं हस्तशिल्प सेवा केंद्र, आगरा के सहयोग से आगरा जरी जरदोजी वर्क प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा बुधवार को क्वीन इंप्रेस मैरी लाइब्रेरी, सदर बाजार में दस दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।

आयोजन की शुरुआत रिबन काटकर और माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर जॉन मिल्टन पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देशभर के शिल्पियों ने सजाया सृजन का संसार

प्रदर्शनी में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए 20 प्रसिद्ध हस्तशिल्पी अपने अनोखे हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें शामिल हैं, कन्नौज के इत्र एवं लेदर बॉटल शिल्प गुरु मोहम्मद मुर्सलीन, कन्नौज के तारकशी कला के स्टेट अवॉर्डी रामशंकर, आगरा की स्टोन कार्विंग शिल्प गुरु राजकुमारी, साथ ही हरिद्वार, एटा, बरेली, फिरोजाबाद, बनारस, असम और अन्य स्थानों के कलाकार भी शामिल हैं।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित कृतियों में  साँझी कला, तारकशी, हाथ थप्पा छपाई, टाई एंड डाई, मधुबनी पेंटिंग, गोंड आर्ट, संगमरमर पर पच्चीकारी, जरी जरदोजी कार्य तथा घास की पत्तियों व फसल अवशेष से निर्मित दैनिक उपयोग की वस्तुएं  शामिल हैं। साथ ही असम की रेशमी साड़ियाँ, बनारस की बनारसी साड़ियाँ, हरिद्वार के शॉल और जैकेट, एटा की हैंड ब्लॉक पेंटिंग और कन्नौज की अगरबत्तियाँ व एटा की आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी दर्शकों का विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।

हाथ का हुनर, आत्मनिर्भर भारत की पहचान

प्रदर्शनी संयोजक एवं आगरा जरी जरदोजी वर्क प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर ब्रजमोहन शर्मा (एडवोकेट) ने कहा कि  “भारतीय हस्तशिल्प केवल कला नहीं, यह आत्मनिर्भरता की सीख है। हमारे शिल्पी अपने हाथों से परंपराओं को आधुनिकता में पिरोते हैं। उनके हुनर को पहचान और प्रोत्साहन मिलना ही इस आयोजन का उद्देश्य है।” प्रदर्शनी के दौरान जॉन मिल्टन स्कूल के विद्यार्थियों ने भारतीय कला के विविध रूपों को निकट से देखकर उनमें गहरी रुचि दिखाई।

अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ी शोभा

शुभारंभ अवसर पर हैंडीक्राफ्ट विभाग के सहायक निदेशक रंजीत कुमार, कंपनी डायरेक्टर ब्रजमोहन शर्मा, समन्वयक सुमित शर्मा, प्रमित शर्मा, शालिनी शर्मा, आशा देवी, दिव्या सिंह, और धीरज कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।