आगरा के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॊ. नरेंद्र मल्होत्रा को गोवा में इंडियन एकेडमी ऑफ बायोमेडिकल साइंस का सर्वोच्च सम्मान
गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर के बायोमेडिकल सम्मेलन में भारत ने एक बार फिर अपनी वैज्ञानिक और चिकित्सा ताकत का लोहा मनवाया। प्रख्यात स्त्री एवं प्रजनन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा को इंडियन एकेडमी ऑफ बायोमेडिकल साइंस (आईएबीएस) के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया, जबकि डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने भी वैश्विक मंच पर महिला स्वास्थ्य के अत्याधुनिक विषयों पर भारत की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। यह उपलब्धि भारतीय चिकित्सा समुदाय के लिए गौरव का क्षण बन गई।
आगरा। भारतीय चिकित्सा जगत के लिए गर्व का अवसर उस समय सामने आया, जब डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा को इंडियन एकेडमी ऑफ बायोमेडिकल साइंस (आईएबीएस) द्वारा बायोमेडिकल साइंस में उनके उत्कृष्ट और दीर्घकालिक योगदान के लिए सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन विशेषज्ञों को दिया जाता है, जिन्होंने चिकित्सा विज्ञान में असाधारण कार्य कर नई दिशा स्थापित की हो।
यह सम्मान बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के गोवा कैंपस में आयोजित इंडियन एकेडमी ऑफ बायोमेडिकल साइंस के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। इस सम्मेलन को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) एवं भारत सरकार का सहयोग प्राप्त था। सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत कर चिकित्सा विज्ञान के नए आयामों को सामने रखा।
सम्मेलन के दौरान डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा को ‘एआई इन असिस्टेड रिप्रोडक्शन’ जैसे अत्याधुनिक विषय पर व्याख्यान देने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। वहीं डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने ‘माइक्रोबायोम एंड एजिंग – ए न्यू अंडरस्टैंडिंग’ विषय पर अपने विचार रखते हुए महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई सोच प्रस्तुत की।
डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा के शोध कार्यों में माइक्रोबायोम हेल्थ, गर्भावस्था, मेनोपॉज़, आईवीएफ तकनीक, गट-ब्रेन हेल्थ तथा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं, जो महिला स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बना रहे हैं।
वहीं डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने माइक्रोबायोम रिसर्च, हार्मोनल हेल्थ, एजिंग, प्रजनन स्वास्थ्य और महिलाओं की समग्र देखभाल के क्षेत्र में व्यापक योगदान दिया है। उन्होंने प्रशिक्षण, जागरूकता और अकादमिक नेतृत्व के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत किया है।
विशेष उल्लेखनीय यह है कि दोनों ही विशेषज्ञ फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (फोग्सी) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इसी क्रम में 27–28 मार्च को आयोजित होने वाले फोग्सी लीडरशिप समिट (फीमेल हेल्थ) में भी दोनों विशेषज्ञ भाग लेने जा रहे हैं। इस समिट का नेतृत्व डॉ. भास्कर पाल एवं डॉ. सुवर्णा खाडिलकर कर रहे हैं। समिट का उद्देश्य संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह तय करना है कि भविष्य में महिलाओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी रणनीतियां कैसे विकसित की जाएं।
सम्मेलन में एआई आधारित आईवीएफ और टेस्ट-ट्यूब बेबी तकनीकों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिससे प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।
साथ ही, एक समग्र पब्लिक हेल्थ फ्रेमवर्क पर जोर दिया गया, जिसमें विभिन्न संस्थानों और विशेषज्ञों के सहयोग से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जा रही हैं।