ब्रज का प्रवेश द्वार बना आगरा, गीत गोविंद वाटिका में सजीव होंगी कृष्ण लीलाएं
ताज नगरी आगरा अब केवल ऐतिहासिक धरोहरों की पहचान नहीं रही, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, संस्कृति और लीलाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रही है। ताजनगरी फेस–2 में विकसित गीत गोविंद वाटिका ने आगरा को ब्रजभूमि का प्रवेश द्वार बना दिया है, जहां श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंग, ब्रज की लोक संस्कृति और आध्यात्मिक अनुभूति एक साथ सजीव रूप में दर्शन देंगी।
आगरा। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से सराबोर आगरा शहर अब ब्रज संस्कृति का जीवंत केंद्र बनता जा रहा है। समय-समय पर आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक और भक्ति आयोजनों ने ताज नगरी में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया है। इसी क्रम में ताजनगरी फेस–2 के जोनल पार्क में 19 एकड़ क्षेत्र में विकसित गीत गोविंद वाटिका आगरा को ब्रजभूमि का प्रवेश द्वार बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो रही है।
आगरा का बटेश्वर क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की पैतृक भूमि है, लेकिन अब पूरा शहर कन्हैया की भक्ति का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। वाटर वर्क्स चौराहा स्थित गौशाला प्रांगण में दीपावली के बाद प्रतिवर्ष 15 दिनों तक होने वाले श्रीकृष्ण लीला मंचन ने सौ वर्षों से ब्रज संस्कृति को जीवंत बनाए रखा है। श्रीकृष्ण लीला समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में यह परंपरा नए आयाम छू रही है।
इसके साथ ही जीवनी मंडी स्थित खाटू श्याम मंदिर ने भी आगरा को धार्मिक मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई है। मंदिर के निर्माण के बाद शहर में जगह-जगह भव्य खाटू श्याम भजन संध्या और विशाल निशान यात्राएं पूरे वर्ष आयोजित की जाती हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तो पूरा शहर कृष्णमय हो उठता है। मंदिरों में भव्य सजावट, मेलों का आयोजन और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस आस्था का प्रमाण बनती है। रावतपाड़ा क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों के कारण यह इलाका लघु ब्रज जैसा प्रतीत होता है।
दिसंबर माह में गोवर्धन में होने वाले विशाल धार्मिक आयोजनों और शोभायात्राओं ने भी ब्रज परंपरा को नई पहचान दी है। इन्हीं आयोजनों की कड़ी में अब गीत गोविंद वाटिका श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।
गीत गोविंद वाटिका में अत्याधुनिक थीम लाइटिंग और लेजर शो की व्यवस्था की गई है। फाउंटेन की वाटर वॉल पर विशेष लेजर शो के माध्यम से श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला, कालिया नाग मर्दन, महाभारत के प्रसंग और कुरुक्षेत्र के दृश्य सजीव रूप में प्रस्तुत होंगे। वाटर बॉडी में निर्मित कालिया नाग संरचना विशेष आकर्षण का केंद्र है। एक एकड़ क्षेत्र में तुलसी वन विकसित किया गया है, जबकि दो एकड़ क्षेत्र में मुक्ताकाशीय मंच बनाया गया है, जहां नियमित रूप से रासलीला और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह वाटिका श्रद्धालुओं को आगरा में ही ब्रज दर्शन की अनुभूति कराएगी।
प्रदेश सरकार का आभार

कृष्ण लीला के सौ वर्षों से अनवरत मंचन ने आगरा को ब्रज का प्रवेश द्वार बनाने में महती भूमिका निभाई है। गीत गोविंद वाटिका में नित्य मंचन से पर्यटक अब कृष्ण लीलाओं का भी आनंद ले सकेंगे। यह लंबे समय से किए गए प्रयासों का परिणाम है। इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार।
— मनीष अग्रवाल, अध्यक्ष, श्रीकृष्ण लीला समिति, आगरा
आगरा में भी ब्रज का वैभव

ब्रज का वैभव अब आगरा में भी प्रदर्शित हो रहा है। इससे युवा पीढ़ी में भक्ति की भावना बढ़ रही है। नव वर्ष के प्रथम दिन मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने इसका स्पष्ट संकेत दे दिया है। यह अत्यंत शुभ संकेत है।
— आदर्श नंदन गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार