आगराः नौ करोड़ की ठगी में बिल्डर प्रखर गर्ग पत्नी संग जयपुर के फाइव स्टार होटल से गिरफ्तार

आगरा। 9 करोड़ रुपये की ठगी और चेक बाउंस के मामले में फरार चल रहे शहर के प्रमुख बिल्डर प्रखर गर्ग और उनकी पत्नी राखी गर्ग को हरीपर्वत पुलिस ने आखिरकार जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने दोनों को जयपुर के एक फाइव स्टार होटल से पकड़ा, जहां पति-पत्नी पिछले कई दिनों से रुके हुए थे।

Aug 27, 2025 - 16:52
Aug 27, 2025 - 16:55
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आगराः नौ करोड़ की ठगी में बिल्डर प्रखर गर्ग पत्नी संग जयपुर के फाइव स्टार होटल से गिरफ्तार

-महाकुंभ में संत का वेश धरकर लगाई थी डुबकी, बांके बिहारी कॊरिडोर के लिए 510 करोड़ देने का हलफनामा देकर सुर्खियां बटोरी थीं

510 करोड़ का हलफनामा देकर बना था सुर्खियों में

प्रखर गर्ग का नाम तब सुर्खियों में आया था जब वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपये देने का हलफनामा हाईकोर्ट में दाखिल किया था। लेकिन इसके बाद जल्द ही प्रखर गर्ग के खिलाफ धोखाधड़ी के संगीन मामले उजागर हुए। वर्ष 2024 में गर्ग के ही परिचित कारोबारी अरुण सोंधी ने हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें प्रखर गर्ग, पत्नी राखी गर्ग, सतीश गुप्ता, सुमित जैन और मुकेश जैन को नामजद किया गया।

होटल सौदे में 9 करोड़ की धोखाधड़ी

अरुण सौंधी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, कमला नगर स्थित एक होटल के द्वितीय व तृतीय तल की खरीद-फरोख्त का सौदा हुआ था। लेकिन प्रखर गर्ग ने रजिस्ट्री नहीं की। जब पैसे वापस मांगे गए तो प्रखर ने जो चेक दिए, वे सभी बाउंस हो गए। इसी आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ और न्यायालय ने वारंट भी जारी किए, लेकिन पुलिस के स्तर से गिरफ्तारी टलती रही।

पुलिस पर मिलीभगत के आरोप

इसके बाद पीड़ित अरुण सोंधी ने आरोप लगाया था कि हरीपर्वत पुलिस आरोपी प्रखर गर्ग से मिली हुई है। वारंट जारी होते ही आरोपी को जानकारी मिल जाती थी और इसके बाद प्रखर गर्ग गायब हो जाता था। पुलिस की इस भूमिका पर सवाल उठे और दबाव बढ़ने पर करीब 10 दिन पहले एसीपी हरीपर्वत और हरीपर्वत के इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी ने प्रखर गर्ग की गिरफ्तारी का जिम्मा चौकी प्रभारी विनोद कुमार और दीपक तिवारी को सौंपा। दोनों ने प्रखर गर्ग के बारे में जानकारियां जुटाईं। सूचना मिली कि प्रखर कई दिन से जयपुर के एक फाइव स्टार होटल में पत्नी के साथ रुका हुआ है। विश्वसनीय सूचना पर जयपुर पहुंचकर आगरा पुलिस ने आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने चौकी प्रभारी विनोद कुमार और दीपक तिवारी की पीठ थपथपाई और उनके प्रयासों की सराहना की।

कुंभ में संत वेश धरकर लगाई थी डुबकी

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी के आरोप में जिन प्रखर गर्ग के खिलाफ वारंट चल रहा था, वही संत का वेश धरकर महाकुंभ में न केवल शामिल हुआ बल्कि सांसद हेमा मालिनी के साथ संगम की त्रिवेणी में डुबकी भी लगाई। उसका यह फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसके बाद भी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे और आरोप लगा कि पुलिस जानबूझकर उसे गिरफ्तार नहीं कर रही।

SP_Singh AURGURU Editor