सगी बहन से दरिंदगी के मामले में आगरा कोर्ट ने भाई और उसके दोस्त को दी 20-20 साल की सजा
रिश्तों को कलंकित करने वाले इस भीषण अपराध में आगरा की अदालत ने सगी बहन से दुष्कर्म करने वाले भाई और उसके दोस्त को 20-20 साल की कठोर कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जज ने टिप्पणी की कि नाबालिग के साथ ऐसी दरिंदगी समाज में किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं। अदालत ने इसे “कानून, समाज और पारिवारिक मूल्यों के विरुद्ध अपराध” बताया।
आगरा। रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक जघन्य मामले में आगरा की अदालत ने सगी बहन से दुष्कर्म करने के दोषी भाई और उसके दोस्त को 20-20 साल की कठोर कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर जिला जज-28 शिवकुमार की अदालत ने सुनाया।
यह मामला सिकंदरा हाइवे स्थित झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र का है, जहां आरोपी भाई ने अपनी ही 16 वर्षीय नाबालिग बहन के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किया। अदालत ने टिप्पणी की कि यह अपराध कानून, समाज और पारिवारिक मूल्यों तीनों के खिलाफ है। जज ने कहा, नाबालिग के साथ हुई यह दरिंदगी समाज में किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
घटना 5 मई 2022 की है, जब एनजीओ की महिला सदस्यों को सिकंदरा हाइवे पर एक किशोरी बदहवास हालत में मिली। पुलिस ने उसे नारी निकेतन भेजा, जहां उसकी तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल जांच हुई। डॉक्टरों ने बताया कि वह गर्भवती है। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि उसका सगा भाई भरत और उसका दोस्त मोहन उसके साथ दुष्कर्म करते थे।
सिकंदरा थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया। सुनवाई के दौरान 10 गवाहों की गवाही हुई, जिनमें डॉ. विजय लक्ष्मी (लेडी लॉयल) और डॉ. शिखा सिंह (एसएन मेडिकल कॉलेज) की मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक रही।
विशेष अभियोजन अधिकारी माधव शर्मा ने अदालत से कहा कि यह अपराध समाज की चेतना को झकझोरने वाला है और दोषियों को कठोरतम दंड मिलना आवश्यक है।
सभी साक्ष्यों पर विचार करते हुए अपर जिला जज शिवकुमार ने दोनों दोषियों को 20-20 साल की सजा और 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। फैसला सुनाए जाने के समय दोनों आरोपी अदालत में मौजूद थे।