आगरा की अदालतें: अपहरण और दुराचार के दोषी को दस वर्ष की सजा, कई और मामलों पर अहम फैसले

आगरा की अदालतों में बुधवार का दिन पूरी तरह न्यायिक गतिविधियों से सराबोर रहा। एक ओर जहां नाबालिग के अपहरण व दुराचार के दोषी को दस वर्ष की सज़ा सुनाई गई, वहीं गैंगेस्टर एक्ट के तीन आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। फर्जी बैनामा कर लाखों रुपये हड़पने वाले को जमानत नहीं मिली, जबकि सरकारी चावल बरामदगी प्रकरण में आरोपी को राहत दी गई। इसी बीच भाजपा सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ किसानों के अपमान वाले मामले में कल बहस भी होनी है।

Oct 15, 2025 - 19:34
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आगरा की अदालतें: अपहरण और दुराचार के दोषी को दस वर्ष की सजा, कई और मामलों पर अहम फैसले

अपहरण और दुराचार के दोषी को दस वर्ष की कैद

शादी का झांसा देकर नाबालिग का अपहरण और दुराचार करने वाले आरोपी को अदालत ने कठोर सज़ा सुनाई।

एडीजे-28 की अदालत ने आरोपी वीरू पुत्र रमेश निवासी अशोक विहार कॉलोनी, टेड़ी बगिया, थाना एत्माद्दोला, जिला आगरा को दस वर्ष कैद और 22 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

मामला थाना खंदौली का है, जहां पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 मार्च 2018 को आरोपी ने उसकी नाबालिग पुत्री को शादी का झांसा देकर अपहरण किया और बंधक बनाकर दुराचार किया। पुलिस ने आरोपी को 31 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

एडीजे-28 ने एडीजीसी माधव शर्मा के तर्कों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।

गैंगेस्टर एक्ट के तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

वर्ष 2014 में दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में तीन आरोपितों को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया।

विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी अर्जुन पुत्र पूरन, सतीश काछी पुत्र दामोदर (ग्राम उंडेरा, थाना फतेहपुर सीकरी) और आदित्य उर्फ ठाकुरजी पुत्र किशनचंद (ग्राम सलेमपुर, थाना फरह, मथुरा) को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए।

थानाध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने इन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने संगठित गिरोह बनाकर लूट और अन्य गंभीर अपराध किए तथा अवैध संपत्ति अर्जित की। अदालत ने अभियोजन पक्ष के चार गवाहों की गवाही सुनने के बाद कहा कि आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।

अधिवक्ताओं अशोक कुमार मंगल और सुनील कुमार के तर्कों पर अदालत ने सभी आरोपितों को बरी करने का निर्णय दिया।

फर्जी बैनामा कर 11.52 लाख हड़पने वाले को नहीं मिली अग्रिम जमानत

फर्जीवाड़े के एक गंभीर मामले में अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
एडीजे-1 राजेन्द्र प्रसाद की अदालत ने ज्वाला प्रसाद पुत्र बच्चू सिंह, निवासी रोशन विहार, थाना एत्माद्दोला, आगरा की जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

मामले के अनुसार वादी साजिद खान, निवासी कृष्णा नगर, शिकोहाबाद ने 28 दिसंबर 2015 को 11 लाख 52 हजार रुपये में तीन प्लॉट खरीदे थे, लेकिन बाद में पता चला कि जमीन फर्जी थी।

वादी के पैसे लौटाने के बजाय आरोपी ने धमकी दी। अदालत ने वादी पक्ष के अधिवक्ता ओंकार सिंह बघेल के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी की याचिका को खारिज किया।

सरकारी चावल बरामदगी मामले में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत

आर्थिक अपराध न्यायालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी।
विशेष न्यायाधीश आर्थिक अपराध ज्ञानेंद्र राव की अदालत ने आरोपी कालीचरन पुत्र गज्जन सिंह, निवासी ग्राम सेमरा, थाना खंदौली, जिला आगरा की अग्रिम जमानत स्वीकार कर रिहाई के आदेश दिए।

पूर्ति निरीक्षक सुशील कुमार ने 17 सितंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से 11 कुंतल सरकारी राशन का चावल अवैध रूप से ले जाया जा रहा था।

अदालत ने कहा कि बरामदगी के समय कोई स्वतंत्र गवाह नहीं था और एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई, इसलिए आरोपी को जमानत का लाभ दिया गया। अधिवक्ता योगेश शुक्ला और गुंजन अग्रवाल ने बचाव पक्ष से प्रभावी तर्क रखे।

कंगना रनौत के खिलाफ किसानों के अपमान वाले मामले में आज होगी बहस

भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज राष्ट्रद्रोह और किसानों के अपमान के मामले में आज अदालत में बहस होगी।
यह मामला स्पेशल जज एमपी-एमएलए लोकेश कुमार की अदालत में सूचीबद्ध है।

पिछली सुनवाई पर कंगना की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनसूया चौधरी बहस के लिए उपस्थित नहीं हुई थीं, जिसके बाद अदालत ने आज की तारीख बहस के लिए तय की थी।

बादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा सहित दुर्ग विजय सिंह भैया, सुखबीर सिंह चौहान, राजवीर सिंह, सुरेन्द्र लाखन, बी.एस. फौजदार समेत कई अधिवक्ता उपस्थित रहे थे। आज इस बहुप्रतीक्षित बहस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

SP_Singh AURGURU Editor