आगराः भनक लगने पर भी ज्वेलर के हत्यारोपी को न पकड़ सकी पुलिस, कोर्ट में सरेंडर कर दिया
आगरा। सिकंदरा थाना क्षेत्र के कारगिल चौराहा स्थित बालाजी ज्वेलर्स के स्वामी की हत्या के दूसरे आरोपी फारूक ने मंगलवार को आगरा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर पुलिस की नाकामी को उजागर कर दिया। पुलिस को पहले से भनक थी कि वह सरेंडर करने वाला है, बावजूद इसके उसे पकड़ने में नाकाम रही। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हत्या और लूट से थर्राया था आगरा
विगत दो मई को कारगिल चौराहे के पास नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े तमंचे की नोक पर लाखों के जेवर लूटे और शोरूम मालिक योगेश चौधरी को गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश फूट पड़ा था और पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी हुई थी।
एक मुठभेड़, एक गिरफ्तारी और एक फरार
वारदात के चार दिन बाद पुलिस ने एनकाउंटर में एक आरोपी अमन को मार गिराया और उसके भाई सुमित को गिरफ्तार कर लिया था। तीसरा आरोपी फारूक तभी से फरार था। एसओजी और सर्विलांस की टीमों के तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस उसे 116 दिन तक नहीं पकड़ पाई।
तीन दिन तक खुलेआम घूमता रहा आरोपी
पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो फारूक सिकंदरा और जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में तीन दिन तक आराम से घूमता रहा। निचले स्तर पर कई पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी थी, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।
थाने से रिपोर्ट मांगी थी कोर्ट ने
फारूक के आत्मसमर्पण से पहले कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट भी मांगी थी। यानी पुलिस को पता था कि वह सरेंडर करेगा, फिर भी उसे दबोचने में नाकाम रही। इस लापरवाही से सिकंदरा पुलिस की किरकिरी हो रही है।