आगरा में क्षत्रिय वीरता एवं विजय पर्व पर यूजीसी कानून के खिलाफ हुंकार, दिल्ली पैदल कूच का ऐलान
आगरा के आरबीएस कॉलेज स्थित राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में क्षत्रिय सभा जिला आगरा ने विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्तरीय ‘शौर्य से संकल्प तक’ समारोह आयोजित किया। श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी से संबंधित कानून के विरोध में आगरा से दिल्ली तक पैदल न्याय यात्रा निकालने की योजना का ऐलान किया और समाज से भागीदारी की अपील की। पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह और मेघराज सिंह रॉयल ने सामाजिक एकता, सेवा और सामूहिक शक्ति पर जोर दिया। समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक समरसता और कुरीतियों को दूर करने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।
आरबीएस कॉलेज में ‘शौर्य से संकल्प तक’ समारोह में जुटे देशभर के क्षत्रिय संगठन, वक्ताओं ने समाज की एकजुटता, शिक्षा और सामाजिक समरसता पर दिया जोर
आगरा। विजयादशमी के उपलक्ष्य में क्षत्रिय सभा जिला आगरा की ओर से रविवार को आरबीएस कॉलेज के राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय स्तरीय क्षत्रिय वीरता एवं विजय पर्व समारोह ‘शौर्य से संकल्प तक’ का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और समाज की एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान यूजीसी से जुड़े कानून के विरोध में ‘काला कानून वापस लो’ और ‘यूजीसी रोलबैक वापस लो’ के नारे गूंजते रहे। वक्ताओं ने सामाजिक एकता, बच्चों के भविष्य, शिक्षा, चिकित्सा और समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और माल्यार्पण करके किया। इस दौरान ‘जय भवानी’ और ‘जय महाराणा प्रताप’ के जयघोष से सभागार गूंज उठा। आयोजकों ने कार्यक्रम को क्षत्रिय एवं सवर्ण समाज की एकजुटता, गौरवशाली इतिहास के स्मरण और सामाजिक दायित्वों के प्रति संकल्प का मंच बताया।
आगरा से दिल्ली तक निकाली जाएगी पैदल न्याय यात्रा
समारोह के मुख्य अतिथि श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी से संबंधित कानून के विरोध को लेकर समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के विरोध में देशभर में समाज को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक, चार राज्यों में हजारों किलोमीटर की न्याय यात्रा निकाली जा चुकी है और अब मध्य प्रदेश होते हुए 10 जनवरी को दिल्ली पहुंचने की योजना है।
मकराना ने आगरा के सवर्ण समाज से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगरा से पैदल दिल्ली कूच करने की योजना बनाई जा रही है और समाज के लोगों को इसमें बढ़-चढ़कर शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी जाति या संप्रदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कानून को लेकर अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं होना चाहिए, जिससे किसी समुदाय के बच्चों को जन्मजात अपराधी समझे जाने की आशंका पैदा हो। उन्होंने समाज से अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
राजपूत का धर्म सर्व समाज की सेवा करना
यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने अपने संबोधन में सामाजिक सेवा को क्षत्रिय समाज की प्रमुख पहचान बताया। उन्होंने कहा कि राजपूत का वास्तविक धर्म सर्व समाज की सेवा करना है। जो समाज के हित में त्याग करता है, इतिहास में उसी का नाम लंबे समय तक याद रखा जाता है। उन्होंने समाज के लोगों से अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर वर्तमान में सकारात्मक भूमिका निभाने और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह बोले
पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने समाज की राजनीतिक और सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को किसी राजनीतिक दल के पीछे आंख मूंदकर चलने के बजाय अपनी सामूहिक शक्ति पहचाननी चाहिए। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करने की अपील की। उन्होंने क्षत्रिय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के लिए त्याग करना राजपूतों की पहचान रही है। उनके अनुसार, समाज की वास्तविक मजबूती आपसी एकता और सामूहिक प्रयासों से आती है।
गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर वर्तमान सुधारने का संकल्प
स्वागत उद्बोधन में विजयपाल सिंह चौहान एडवोकेट ने कहा कि क्षत्रिय समाज के गौरवशाली इतिहास और शौर्य पुरुषों का स्मरण करने के साथ वर्तमान को बेहतर बनाने का संकल्प लेना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज ने शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में सर्व समाज के लिए योगदान दिया है। इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक विकास के प्रयास किए जाने चाहिए।
जिला महामंत्री गजेंद्र सिंह परमार और कार्यक्रम संयोजक गौरव परमार ने कहा कि समाज में समरसता स्थापित करना, शिक्षा के माध्यम से जागरूकता बढ़ाना और अंधविश्वास तथा कुरीतियों को दूर करना संगठन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने सामाजिक सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह में अनाया परमार ने ‘श्री रामचंद्र कृपालु’ भजन पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री गजेंद्र सिंह परमार ने किया।
कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, पूर्व विधायक रविन्द्र सिंह, डॉ. रामकेश परमार, कपूरचंद सिकरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष विजयपाल सिंह चौहान, आरपी सिंह जादौन, दिनेश सिकरवार एडवोकेट, डॉ. रामलखन सिंह राठौर, श्याम भदौरिया, कोषाध्यक्ष शीलेन्द्र सिंह चौहान, ब्रजराज सिंह परमार, विवेक तोमर, राजवीर सिंह ककरारी, चंद्रभान तोमर, देवेंद्र धाकरे, छुट्टन सिंह तरकर, गजेंद्र सिंह परमार दयालबाग और डॉ. आरपी सिंह परमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। समारोह में वक्ताओं ने क्षत्रिय समाज की एकजुटता, ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक सेवा और शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, यूजीसी से जुड़े कानून के विरोध और प्रस्तावित न्याय यात्रा को लेकर भी समाज के लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।